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करार की कबड्डी खत्म

Last Updated- December 07, 2022 | 1:00 PM IST

परमाणु करार को लेकर वाम दलों से हुई तकरार के बावजूद सरकार राजनीतिक कबड्डी में आखिरकार जीत ही गई।


लोकसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बुलाए गए विशेष सत्र में विपक्षी दलों के पूरा जोर लगाने के बावजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार बहुमत का पाला छूने में कामयाब हो गई। सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को हुए मत विभाजन पर उसे विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कुल 275 वोट मिले जबकि इसके विरोध में 256 वोट पड़े।

दिन भर चली बहस और हंगामों के बाद शाम सवा सात बजे हुए मत विभाजन में इलेक्ट्रानिक वोटिंग के नतीजे पहले घोषित किए गए। इसमें 253 सदस्यों ने सरकार के समर्थन में बटन दबाया जबकि 232 ने विरोध में। दो सदस्यों ने अनुपस्थिति वाला बटन दबाया। इसके बाद पर्चियों के जरिए डाले गए वोटों की गिनती शुरू हुई।

हालांकि इनके नतीजे आने के पहले ही संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को संप्रग नेताओं ने सदन में बधाई देनी शुरू कर दी। पर्चियों के जरिए डाले गए वोटों की गिनती पूरी होने के बाद तो संप्रग नेताओं का उत्साह सदन में देखने लायक था। इनके नतीजों में सरकार के पक्ष में 22 वोट जबकि विरोध में 24 वोट पड़े। सभी नतीजों को मिलाकर सरकार 275  वोट पाकर बहुमत साबित करने में कामयाब रही। विपक्ष के खाते में कुल 256 वोट ही आ सके।

इससे पहले, विशेष सत्र के अंतिम दिन बहस की शुरुआत वित्त मंत्री पी. चिदबंरम ने की। उन्होंने अपने भाषण में भाजपा के साथ-साथ वाम दलों को भी जमकर लताड़ा। इसके बाद, मनमोहन सिंह की जमकर तारीफ करते हुए कांग्रेस के 38 वर्षीय सांसद राहुल गांधी ने करार को देशहित में बताया। बसपा सदस्यों ने राहुल के भाषण के दौरान जमकर हल्ला मचाया। इसके बाद आए, रेल मंत्री लालू प्रसाद, जिनके भाषण के दौरान सदन में कई बार ठहाके गूंजते रहे। राजद नेता ने वामपंथी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह डिप्रेशन की हालत में हैं।

संसद के शब्द बाण

संप्रग सरकार आज राजग सरकार के प्रयासों (परमाणु करार पर) को ही आगे बढ़ा रही है। – वित्त मंत्री पी. चिदंबरम

हमें अपने ऊपर भरोसा होना चाहिए और साहस के साथ आगे बढ़ना चाहिए। परमाणु करार के रूप में प्रधानमंत्री ने साहसिक कदम उठाया है। – राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव

.वाम दल जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को काट रहे हैं।  – लालू यादव, राजद नेता

पार्टी के तीन सांसदों को (अहमद पटेल, रेवती रमण सिंह और  अमर सिंह द्वारा) तीन-तीन करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई थी। एक-एक करोड़ रुपये अग्रिम दिया गया और शेष मतदान के बाद देने का वायदा किया गया था। – लालकृष्ण आडवाणी, नेता प्रतिपक्ष

यह मामला पूरी तरह से भाजपा का षडयंत्र है और इसे उसके नेता बढ़ावा दे रहे हैं। – मुलायम सिंह यादव, अध्यक्ष, सपा

यह पूरा मामला जाली है। रुपया पेश करने वाले सांसद का नार्को परीक्षण कराया जाना चाहिए। –  लालू प्रसाद, राजग नेता

First Published - July 23, 2008 | 12:06 AM IST

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