दीवाली का त्योहार करीब आने से आर्थिक गतिविधियों से जुड़े कुछ साप्ताहिक संकेतकों में गिरावट के रुझान देखे गए। भारतीय रेल ने माल ढुलाई की मात्रा में कम वृद्धि दर्ज की है। पिछले हफ्ते माल ढुलाई में 2 फीसदी की तेजी रही जबकि उससे एक हफ्ते पहले यह तेजी करीब 5.9 फीसदी थी। माल ढुलाई से होने वाली कमाई में भी 10.5 फीसदी तक की तेजी रही। उससे पिछले हफ्ते यह 12.4 प्रतिशत और उससे एक हफ्ते पहले 13.4 फीसदी तक थी।
वहीं हवाई यात्रियों की तादाद में 3.2 फीसदी की कमी देखी गई। विमानन कंपनियों ने पिछले हफ्ते रोजाना औसतन 362,000 यात्रियों के साथ उड़ान भरी। एक हफ्ते पहले इनकी संख्या 374,000 थी। रोजाना उड़ान भरने वाले विमानों की औसत संख्या 2,700 से अधिक रही।
वैश्विक लोकेशन तकनीक कंपनी टॉम टॉम इंटरनैशनल के डेटा के मुताबिक दीवाली की सार्वजनिक छुट्टी होने की वजह से विभिन्न शहरों के यातायात में भारी कमी देखी गई। नई दिल्ली के यातायात में 2019 की तुलना में 72 फीसदी की कमी आई जबकि मुंबई के यातायात में 77 फीसदी की कमी थी।
आर्थिक संकेतकों में सबसे अधिक तेजी वाहनों की खरीदारी में दिखी और लोग पहले की तुलना में अधिक वाहन खरीद रहे हैं। गाड़ी खरीदने के साप्ताहिक आंकड़े ने 582,000 के स्तर को छू लिया। यह 2019 की समान अवधि के 511,000 गाड़ियों की बिक्री की तुलना में 14 फीसदी अधिक है।
सर्च इंजन गूगल के 15 अक्टूबर तक के आवाजाही के रुझान से जुड़े डेटा उपलब्ध हैं। अनाम लोकेशन डेटा के आकलन के मुताबिक राज्यवार तरीके से आंकड़ों पर नजर डालने से यह अंदाजा मिलता है कि लॉकडाउन से पहले के दौर की तुलना में हर राज्य में कार्यस्थलों पर जाने वाले कर्मचारियों की तादाद में बदलाव दिख रहा है।
हालांकि ये आंकड़े विभिन्न राज्यों में तुलना करने लायक नहीं हो सकते हैं क्योंकि यहां काफी क्षेत्रीय अंतर है लेकिन इससे यह अंदाजा मिलता है कि हर राज्य अपने तरीके से कार्यस्थलों पर सामान्य माहौल बनाने की कोशिश में है।
विश्लेषण में महामारी से पहले के दौर में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर आधारित शीर्ष पांच राज्यों की अर्थव्यवस्था का जायजा लिया गया। महामारी से पहले के समय की तुलना में प्रत्येक राज्य में कार्यस्थलों पर जाने वाले लोगों की तादाद में 25 फीसदी की तेजी है।
पिछले हफ्ते देश में बिजली उत्पादन की कुल मात्रा स्थिर बनी रही। सात दिनों के औसत आधार पर कुल 388.8 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ जो पिछले से पिछले हफ्ते के 388.7 करोड़ यूनिट की तुलना में मामूली रूप से थोड़ा अधिक है। बिजली उत्पादन में कमी की वजह से 2019 की तुलना में यह अंतर बढ़ गया है।
अर्थव्यवस्था की साप्ताहिक तस्वीर का अंदाजा लगाने के लिए बिज़नेस स्टैंडर्ड इन संकेतकों का जायजा लेता है। वैश्विक स्तर के विश्लेषक समान तरह के संकेतकों पर नजर रखते हैं क्योंकि आधिकारिक वृहद अर्थव्यवस्था के आंकड़े देरी से जारी होते हैं। इन संकेतकों से अर्थव्यवस्था की अद्यतन तस्वीर का अंदाजा होता है जिसमें कोविड-19 की वजह से अनिश्चितता आई थी। यातायात के आंकड़े 24 अक्टूबर सोमवार सुबह के हैं। सर्च इंजन गूगल ने 15 अक्टूबर तक की आवाजाही के आंकड़े मुहैया कराए हैं। बाकी सभी डेटा 23 अक्टूबर रविवार के हैं।