सैन्य बलों में भर्ती के लिए घोषित अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, भारत बंद और विपक्ष की ओर से भारी आलोचना के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कुछ निर्णय शुरुआत में ‘गलत प्रतीत हो सकते हैं’ लेकिन वे बाद में राष्ट्र निर्माण में योगदान करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलूरु में एक सार्वजनिक संबोधन में कहा कि समय बीतने के साथ ये निर्णय देश का निर्माण करने में योगदान करेंगे। हालांकि उन्होंने इस भर्ती योजना का उल्लेख नहीं किया। सोमवार को ही सेना ने पहले दौर की भर्ती की अधिसूचना जारी कर दी। इसमें कहा गया कि भर्ती रैलियां जुलाई से शुरू की जाएंगी।
इस बीच देश भर में इसे लेकर नाराजगी और विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि आगामी 24 जून को किसानों का सामूहिक संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) इस योजना के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन करेगा। पहले यह प्रदर्शन 30 जून को आयोजित होना था। इसे तहसील और जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा। टिकैत की भारत किसान यूनियन (बीकेयू) 2020-21 में एसकेएम के नेतृत्व वाले किसान कानूनों के विरोध प्रदर्शन में शामिल थी। उन कानूनों को बाद में वापस ले लिया गया।
आज उत्तर भारत के बड़े हिस्से में इसके चलते असहजता का माहौल है। सरकारी संपत्तियों पर हमले या उन्हें जलाए जाने की कोई खबर नहीं आई लेकिन संपत्ति को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए करीब 587 ट्रेनें रद्द की गईं। कई मामलों में यात्री ट्रेनों की प्रतीक्षा करते रहे और रेलवे स्टेशनों पर फंसे रहे। दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा के प्रवेश स्थानों पर सुरक्षा जांच के चलते हजारों वाहन फंसे रहे। राष्ट्रीय राजधानी के प्रवेश बिंदुओं पर सभी वाहनों की कड़ी निगरानी की गई ताकि अग्निपथ का विरोध करने वाले दिल्ली में प्रवेश न कर सकें। देश भर में विपक्षी दल कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाएगा। वे राहुल गांधी से लगातार की जा रही पूछताछ और भर्ती योजना दोनों का विरोध कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और यह मांग करते हुए प्रदर्शन किया कि सरकार इस योजना को वापस ले। पंजाब, दिल्ली और अन्य रेलवे स्टेशनों पर पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया ताकि रेलवे की संपत्ति को किसी भी तरह के नुकसान को कम किया जा सके। इसके बावजूद युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के शिवाजी ब्रिज रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन रोक दी। युवा कांग्रेस के एक वक्तव्य में कहा गया, ‘भारत सरकार को अग्निवीर योजना वापस लेनी चाहिए, युवा कांग्रेस देश के उन बेरोजगार युवाओं के लिए लड़ेगी जो सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं।’ भारत बंद के दौरान कोई दुकान बंद नहीं हुई। देश के अधिकांश हिस्सों में कारोबार पहले की तरह चलते रहे।
सरकार की ओर से भी इस योजना को वापस लेने का हल्का सा भी संकेत नहीं मिला। न ही वह इसे शिथिल करने के बारे में विचार करती नजर आई। भारतीय सेना की अधिसूचना में साफ कहा गया कि चिकित्सा शाखा के तकनीकी कैडरों के अलावा अग्निपथ ही सेना में जाने की चाह रखने वालों के लिए इकलौता विकल्प है। अधिसूचना में कहा गया है कि इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन कराना आवश्यक है और ‘अग्निवीर’ एक विशिष्ट रैंक होगी।
सामान्य सेवा के लिए 45 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 10 वीं पास करना जरूरी होगा और हर विषय में न्यूनतम 33 अंक हासिल करने होंगे। विमानन और हथियार परीक्षक समेत तकनीकी कैडर के लिए भौतिकी, रसायन, गणित और अंग्रेजी विषय लेकर कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 12 की परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। हर विषय में 40 प्रतिशत अंक आवश्यक होंगे। लिपिक से स्टोरकीपर (तकनीकी) तक के पदों के लिए किसी भी अनुशासन में कक्षा 12 पास होना जरूरी है। साथ ही कुल मिलाकर 60 प्रतिशत तथा हर विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक पाने होंगे।
ट्रेड्समेन के पद के लिए दो
श्रेणियां हैं- 10वीं पास और 8वीं पास। इन पदों के लिए न्यूनतम अर्हता कक्षा 8 और 10 उत्तीर्ण करना होगी। इन पदों के लिए हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक पाने होंगे। अधिसूचना के अनुसार अग्निवीरों को एक समेकित पैकेज मिलेगा और उन्हें कोई महंगाई भत्ता या सैन्य सेवा भुगतान नहीं किया जाएगा। अग्निवीर जवानों को समुचित जोखिम और कठिनाई, राशन, गणवेश और यात्रा भत्ता मिलेगा। जवानों को सेवा अवधि के लिए 48 लाख रुपये का बीमा मुहैया कराया जाएगा। सरकार ने प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए उपाय घोषित किए हैं। गृह मंत्रालय पहले ही आयु में तीन वर्ष की छूट देने और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स की भर्ती में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कह चुका है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने भी कहा कि आवास और पेट्रोलियम मंत्रालयों के अधीन आने वाली सरकारी कंपनियां भी अग्निवीरों को अपने साथ जोड़ने की योजना बना रही हैं। कुछ कारोबारी घरानों ने भी ट्वीट किया है कि वे इन जवानों को काम पर रखेंगे।