मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति और राज्य के विकास से जुड़ी तमाम मुद्दों पर बात की शशिकांत त्रिवेदी ने :
राज्य में 90 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ है, फिर जरूरतमंदों को अनाज मुहैया कराने में दिक्कत क्यों आ रही है?
हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य से 100 रुपये अधिक कीमत पर 12 लाख टन गेहूं की खरीद की है, लेकिन केंद्र से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। हम चाहते हैं कि केंद्र गरीबों के लिए खरीदे गए अनाज हमें मुहैया कराए, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके।
केंद्र सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के प्रति भेदभाव की नीति अपना रहा है?
संसदीय समिति की रिपोर्ट से पता चलता है कि केंद्र सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के कई मानदंडों पर खरा नहीं उतरा है।
केंद्र का तो कहना है कि आप पीडीएस के तहत आवंटित कोटा नहीं लेते हैं?
केंद्र को राज्य के प्रति सहयोगात्मक रुख अपनाना चाहिए और इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
आपकी पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। ऐसे में आपके भाषण का एजेंडा क्या होगा?
हमारा एकमात्र एजेंडा है- विकास। सड़क, बिजली और पानी, तीनों में व्यापक सुधार लाया गया है, जिससे आमलोगों के साथ-साथ व्यापारियों को फायदा हो रहा है।
अगर फिर से आप सत्ता में आते हैं, तो आगे की क्या योजना होगी?
पूरा यकीन है कि जनता हमें फिर से चुनेगी। हमारा मकसद शुरू की गई सभी परियोजनाओं को पूरा करना होगा। रोजगार उपलब्ध कराना भी योजना में शामिल है।
आप कहां पर राज्य को पिछड़ा महसूस करते हैं?
देश के चंद विकसित राज्यों की तुलना में।