क्या इंसानी जान और क्या कारोबार, कोसी नदी के खूनी आगोश में मानों समूचा बिहार ही समाता जा रहा है।
घबराए नीतीश कुमार मदद की गुहार लेकर दिल्ली दरबार की शरण में आ पहुंचे और दिल्ली ने भी इस विपदा से निबटने के लिए कमर कस ली है। मगर बाढ़ की भयावहता को देखते हुए लगता है कि तमाम इंताजामात और मुस्तैदी के बावजूद अभी बहुत कुछ इस विपदा की भेंट चढने वाला है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की टीम ने इसके हर पहलू से देशभर के अपने पाठकों को अवगत कराने की पुरजोर कोशिश की है ताकि संकट की इस घड़ी में सारे देश की जनता बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी हो सके।
कोसी के कहर से उत्तर-पूर्वी बिहार त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा है, जिसकी गूंज पटना से अब राजधानी दिल्ली तक सुनाई देने लगी है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहां बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की, वहीं मनमोहन और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई दौरे की घोषणा की।
सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्री शिवराज पाटील के भी बिहार दौरे पर जाने की संभावना है। नीतीश ने अपनी मुलाकात में प्रधानमंत्री से बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1,000 करोड़ रुपये और एक लाख मीट्रिक टन अनाज की तत्काल मांग भी की।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री कृषि एवं खाद्य मंत्री शरद पवार ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बिहार सरकार को मुफ्त में एक लाख टन गेहूं-चावल उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री आवास से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने भी नीतीश कुमार को फोन कर स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने प्रधानमंत्री से मांग की कि बिहार में आई भीषण बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा मान कर, वहां के सभी राहत और पुनर्वास कार्यों का पूरा भार केंद्र सरकार उठाए। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ को केवल बिहार की ही आपदा के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
इस त्रासदी में भी राजनीतिक रोटी !
बाढ़ की वीभत्स स्थिति में भी नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जहां इस विपदा के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान कह रहे हैं कि राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता के बारे में केंद्रीय मंत्रिमंडल को समय पर जानकारी नहीं दी।
हालांकि नीतीश कुमार ने कहा कि जल संसाधन विभाग ने जैसे ही कोसी तटबंध टूटने की सूचना दी, उसके तत्काल बाद विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी को अवगत करा दिया गया था, क्योंकि मामला नेपाल से जुड़ा हुआ है। उधर, भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने राजनीति दलों से आग्रह किया है कि इस समय वे राजनीति न करें और बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एकजुट हों।