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ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री अभिजीत सेन का निधन

Last Updated- December 11, 2022 | 4:10 PM IST

खाद्यान्नों की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रबल समर्थक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अग्रणी विशेषज्ञ अर्थशास्त्री अभिजीत सेन का सोमवार की रात निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे। योजना आयोग के सदस्य रह चुके सेन उस ऐतिहासिक रिपोर्ट के लेखक थे, जिसने कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) को एक वैधानिक निकाय बनाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य के निर्धारण की सिफारिश की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत पर आधारित होना चाहिए और सरकार इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य हो। 
 
40 साल से ज्यादा लंबा रहा सेन का करियर
 
सेन को 1997 में सीएसीपी का चेयरमैन नियुक्त किया गया था और उन्हें कृषि उत्पादों के लिए समर्थन मूल्य की सिफारिश करने का काम सौंपा गया था। उन्होंने जुलाई 2000 में दीर्घकालिक अनाज नीति पर एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट लिखी। इसमें नकद और वस्तु के रूप में किए गए सभी भुगतान को खेती के खर्चों में जोड़ने और साथ ही अवैतनिक पारिवारिक श्रम और किराए/ब्याज के आधार पर एमएसपी के निर्धारण की सिफारिश की गई थी। वह 2004 से 2014 तक मनमोहन सिंह सरकार के दौरान योजना आयोग के सदस्य रहे। 
 
2010 में मिला था पद्म भूषण
 
उन्हें 2010 में सार्वजनिक सेवा के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनकी पत्नी जयती घोष एक प्रमुख अर्थशास्त्री हैं और उनकी बेटी जाह्नवी पत्रकार हैं। विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने उनके निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद खबर है। एक अत्यधिक बुद्धिमान और बेहतरीन इंसान अब हमारे बीच नहीं रहे। 
 

First Published - August 30, 2022 | 2:52 PM IST

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