facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

महंगा मोबाइल, तो टेंशन कायको लेने का

Last Updated- December 07, 2022 | 3:01 AM IST

सितंबर में भारत में आईफोन के पदार्पण और जनवरी में थ्रीजी सेवाओं की शुरुआत के साथ महंगे मोबाइल फोन का दौर एक बार फिर से शुरू होने की उम्मीद है।


मगर आपमें से कई लोग ऐसे भी होंगे, जो महंगे मोबाइल की हसरत रखते हुए भी खरीदने से परहेज करते हैं। इसकी वजह यह है कि इन महंगे मोबाइल हैंडसेट पर झपटमारों की निगाह भी लगी रहती हैं, जो मौका मिलते ही हाथ साफ कर जाते हैं।

इसके अतिरिक्त गिरने, पानी में भीगने और किसी कल-पुर्जे के खराब होने की वजह से भी हैंडसेट में खराबी आ जाती है। उस पर तुर्रा यह कि भले ही आपका मोबाइल फोन वारंटी की अवधि में हो, लेकिन गिरने और पानी की वजह से होने वाली खराबी के मामले में कंपनियां वारंटी नहीं देती हैं।

शायद इन बातों की परवाह लोग न करें अगर वे जानते हों कि मोबाइल के गुम होने, गिरने-पड़ने और पानी की वजह से पहुंचने वाली क्षति की भरपाई बीमा कंपनियां कर सकती हैं। सालाना प्रीमियम भी मोबाइल की कीमत का लगभग एक प्रतिशत मात्र होता है। यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक जगदीश नारंग ने कहा, ‘मोबाइल चाहे नया हो या पुराना उसका बीमा संभव है।’

देश या विदेश में खरीदे गए सभी प्रकार के मोबाइल हैंडसेटों का बीमा संभव है, अगर खरीद की रसीद ग्राहक के पास है। नारंग ने कहा, ‘मोबाइल हैंडसेट की बीमा के अंतर्गत चोरी, झपटमारी, दंगा-फसाद, पानी से उपकरण को पहुंचने वाले नुकसान आदि को कवर किया जाता है।’ प्रीमियम के संदर्भ में नारंग ने बताया, ‘आमतौर पर वार्षिक प्रीमियम मोबाइल के तत्कालीन मूल्य का लगभग एक प्रतिशत होता है।

पुराने मोबाइल फोन के मामले में हम उसके अवमूल्यन के आधार पर मूल्य तय करने के बाद प्रीमियम की राशि तय करते हैं। 30,000 रुपये मूल्य के मोबाइल हैंडसेट की बीमा के लिए मोबाइल धारक को लगभग 300 रुपये सालाना का प्रीमियम देना होगा।’ न्यू इंडिया इंश्योंरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक एच. पी. सिंह के अनुसार, मोबाइल बीमा का प्रीमियम भौगोलिक एवं मोबाइल के खरीद मूल्य पर निर्भर करता है जो 0.75-1.25 प्रतिशत तक का होता है।

उन्होंने कहा, ‘जान-बूझ कर हैंडसेट को पहुचाई गई क्षति, नाभिकीय विकिरण, युध्द आदि से हैंडसेट को पहुंचने वाले नुकसान इस बीमा के दायरे में नहीं आते हैं। बैटरी, हेडफोन आदि इस कवर के अंतर्गत नहीं आते हैं।’

कैसे कराएं बीमा : मोबाइल खरीद की रसीद जिसपर हैंडसेट की आईएमईआई संख्या, खरीद की तारीख और मूल्य अंकित हो, उसे लेकर किसी बीमा कार्यालय से संपर्क करें।
कैसे करें दावा : मोबाइल के गुम होने पर एफआईआर कराएं और बीमा कंपनी को इसकी सूचना दें। जांच रिपोर्ट व एफआईआर की प्रति  दावा-फॉर्म के साथ संलग्न कर बीमा कंपनी को दें।

First Published - June 2, 2008 | 1:26 AM IST

संबंधित पोस्ट