दुनियाभर की रेलवे कंपनियां अब भारत की ओर रुख कर रही हैं। कारण- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की आधुनिकीकरण परियोजना, जो निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत होना है।
ऐसे में प्रमुख कंपनियां इस परियोजना को हथियाने के लिए पूरी जोर लगा रही है। योग्यता सूची में जिन कंपनियों को शुमार किया गया है, उनमें रूस की एक सरकारी रेलवे कंपनी, 25 अरब यूरो संपत्ति वाली डायचे बॉन एजी (जर्मन नेशनल रेलवेज की सहयोगी कंपनी), चीन रेलवे 18 ब्यूरो ग्रुप और इटली की ग्रैंडी स्टेजियोनी एसपीए प्रमुख हैं।
इन कंपनियों ने स्थानीय पार्टनर के साथ मिलकर एक कंसोर्टियम बनाया है और 6000 करोड़ रुपये की लागत वाली नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण की परियोजना के लिए बोली लगाई है। जो भी कंपनी यह बोली जीतेगी, वह पैसेंजर टर्मिनल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाएगी।
योजना के तहत रेलवे स्टेशन, कार्यालयों, पार्किंग, पब्लिक प्लेस और वाणिज्यिक विकास के तहत 86 हेक्टेयर भूमि पर रियल एस्टेट के विकास का भी कार्य शामिल है। रेलवे स्कोर के आधार पर इनमें से 6 कंपनियों को चुनेगी। स्कोर का निर्धारण अनुभव वर्ष, कंपनी की कुल संपत्ति और सालाना टर्नओवर आदि के आधार पर किया जाएगा। तकनीकी बोली में चुनी गई कंपनियों को बाद में वित्तीय बोली के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
जर्मनी की राष्ट्रीय रेलवे कंपनी, डायचे बॉन एजी में दो लाख कर्मचारी काम करते हैं और इसका सालाना टर्नओवर 25 अरब यूरो से ज्यादा का है। कंपनी ने भारत की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डीबी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड से गठजोड़ किया है। तकनीकी बोली की श्रेणी में यह गठजोड़ सबसे तगड़ी प्रतिस्पर्धी के तौर पर उभर कर आ रही है।
इसी प्रकार इटली की रेलवे कंपनी ग्रैंडी स्टेजियोनी एसपीए ने ट्रिफ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के साथ गठजोड़ किया है। स्कोर के मामले में यह गठजोड़ दूसरे पायदान पर है। इटली की इस कंपनी को 13 सबसे बड़ी इटली के रेलवे स्टेशनों के संचालन का अनुभव है। तीसरे नंबर पर चीन रेलवे की कंपनी 18 ब्यूरो ग्रुप और केएमसी कंस्ट्रक्शन की गठजोड़ है। यह चीनी कंपनी कई तरह के रेलवे परियोजनाओं और हाइवे प्रोजेक्टों पर काम कर रही है। भारत में यह कंपनी ज्वाइंट वेंचर के तहत पहले से ही एक बांध निर्माण का कार्य कर रही है।
रूस रेलवे ने इस परियोजना के लिए दिल्ली की डीएस कंस्ट्रक्शन के साथ हाथ मिलाया है। इन दोनों कंपनियों ने मिलकर हाल ही में दिल्ली-गुड़गांव हाइवे का निर्माण किया है। इस परियोजना को हथियाने में हैदराबाद की कंपनी जीवीके ग्रुप और इंडियाबुल्स भी पूरा जोर-आजमाइश कर रही है। भारतीय रेल के लिए यह परियोजना काफी अहम है। भारतीय रेल ने पीपीपी के तहत देश के अन्य 22 स्टेशनों के आधुनिकीकरण की भी बात कही है। इन स्टेशनों में पटना, सिकंदराबाद, बेंगलुरू, भोपाल आदि स्टेशन शामिल हैं। इसलिए इस प्रोजेक्ट के आधार पर ही आगे की रणनीति रंग लाएगी।
6000 करोड़ रुपये की लागत से होगा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प
भारतीय कंपनियों के साथ रूस, चीन, इटली, जर्मनी की कंपनियां भी दौड़ में शामिल