चार कृषि कमोडिटी के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने और इस्पात निर्माताओं को कीमत घटाने के लिए राजी करने के एक दिन बाद सरकार ने और भी कदम उठाने की बात कही है।
सरकार ने गुरुवार को कहा कि महंगाई की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए अभी और कदम उठाए जाएंगे। उद्योग राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने बताया- सरकार असहाय नहीं है और उसके पास कीमतें कम करने के साधन हैं। राजकोषीय एवं प्रशासनिक जैसे और कदम उठाए जाएंगे ताकि मुद्रास्फीति की बढ़ती दर पर अंकुश लगाया जा सके।
लौह अयस्क, इस्पात और सीमेंट पर सरकार लगातार नजर रखेगी। इस तरह के कदमों से सुनिश्चित होगा कि महंगाई दर अगले दो महीने में कम से कम एक प्रतिशत अंक घटे। गेहूं, चावल और खाद्य तेल की कीमतें 1 मार्च से 6 मई के बीच कम र्हुई हैं। चावल की कीमत 1.6 प्रतिशत, गेहूं की 9.1 प्रतिशत और खाद्य तेल की कीमत 18 प्रतिशत कम हुई है।
सरकार ने बुधवार को चना, रिफाइंड सोया, आलू और रबर का वायदा कारोबार चार महीने के लिए प्रतिबंधित लगा दिया। इस्पात निर्माताओं ने भी कहा है कि वे 4000 रुपए प्रति टन तक कीमत कम करेंगे।
महंगाई की टीस के साथ उपलब्धियों पर मुस्कराए पीएम
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि संप्रग सरकार ने बेहतरीन विकास का प्रदर्शन किया, जिसने समाज के सभी वर्गों को छुआ है हालांकि मुद्रास्फीति की उच्च दर ने हमारी व्यापक अर्थशास्त्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने की सफलता को आच्छादित कर लिया।
कर्नाटक कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित बैठक में उन्होंने कहा ” आर्थिक क्षेत्र में मुद्रास्फीति संबंधी हालिया चिंताओं के बावजूद हमारा रिकॉर्ड उल्लेखनीय है। ” पिछले सालों में हुए नौ फीसदी के आर्थिक विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा ” इससे समाज के सभी वर्ग को फायदा पहुंचा है और हमें सामाजिक विकास कार्यक्रमों के लिए आवश्यक आवंटन करने में मदद मिली। ” प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रग सरकार के तहत कर, आर्थिक विकास का अनुपात बढ़कर लगभग 10 फीसदी हो गया जबकि यह सुनिश्चित किया गया कि कर की दरें कम रहें।