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चावल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, Broken Rice के एक्सपोर्ट पर लगाई रोक

Last Updated- December 11, 2022 | 3:47 PM IST

लगातार बढ़ रही चावल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने Broken Rice के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये नया आदेश आज यानी 9 सितंबर से ही लागू हो जाएगा। इतना ही नहीं इसके अलावा सरकार ने चावल के विभिन्न ग्रेड के निर्यात पर 20% ड्यूटी भी लगाई है। 
 
गौरतलब है कि चीन के बाद भारत चावल का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।  वैश्विक व्यापार की बात करें तो ग्लोबल मार्केट में चावल के व्यापार का 40% हिस्सा भारत के पास है।

धान के रूप में चावल और ब्राउन राइस पर 20% का एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाया गया है. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने कहा कि उसना चावल और बासमती चावल को छोड़कर अन्य किस्मों के निर्यात पर 20 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगेगा। 
 
बता दें, भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 2.12 करोड़ टन चावल का निर्यात किया था। इसमें 39.4 लाख टन बासमती चावल भी शामिल था। भारत ने 2021-22 में दुनिया के 150 से अधिक देशों को गैर-बासमती चावल का निर्यात किया।

First Published - September 9, 2022 | 9:07 AM IST

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