ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क बिछाने के लिए उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश अगले राज्य हो सकते हैं जिन्हें केंद्रीय अनुदान के तहत धन मिलेगा।
पूंजी निवेश 2022-23 के लिए राज्यों को विशेष सहायता पूंजी निवेश परियोजनाओं के लिए 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
योजना के लिए आवंटित एक लाख करोड़ रुपये में से 3,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है और और ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) नेटवर्क पर पूंजीगत परियोजनाओं के लिए राज्यों को उपलब्ध कराई गई है। इससे दूरसंचार विभाग ने हाल ही में उत्तराखंड, झारखंड, हरियाणा और कर्नाटक के लिए फंड को मंजूरी दी है।
दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘कई राज्यों ने ओएफसी अनुदान हासिल करने के लिए आवेदन दिया था। उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्यप्रदेश ही मानदंड पर खरे उतरे। हमने उनके आवेदन की जांच कर रहे हैं।’
विभाग राज्य की पात्रता की जांच करता है और राज्यव्यापी परियोजनाओं की सूची की जांच करता है जिसके लिए धन की मांग की जाती है। प्रत्येक राज्यों के प्रोत्साहन के लिए अधिकतम 3,000 करोड़ रुपये की राशि है।
पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर इसे दिया जाएगा, कुछ मानदंडों के आधार पर धन दिए जाते हैं। योजना के तहत धन प्राप्त करने के लिए आवेदन देने से पहले राज्यों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि टेलीकॉम सेवा प्रदाता और इंटरनेट सेवा प्रदाता की ओर से बीते 60 दिनों का कोई कानूनी आवेदन लंबित नहीं है।