Gyanvapi Mosque Case: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में बने व्यास जी के तहखाने में पूजा जिला न्यायालय के फैसले के बाद से पूजा-अर्चना शुरू करवाई गई थी। इस फैसले के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन मस्जिद कमेटी को बड़ा झटका लगा है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूजा रुकवाने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को वाराणसी जिला जज के आदेश को चुनौती देने वाली ज्ञानवापी मस्जिद समिति की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें ‘व्यास जी के तहखाने’ (मस्जिद का दक्षिणी तहखाना) के अंदर ‘पूजा’ की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका में कोई दम नहीं है।
बता दें, इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाना में पूजा अर्चना की अनुमति दिए जाने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई पूरी कर 15 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मुस्लिम पक्ष और हिंदू पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।
ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने वाराणसी की अदालत के 31 जनवरी के उस आदेश के खिलाफ यहां अपील की थी जिसमें हिंदुओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाना में पूजा अर्चना की अनुमति दी गई थी।