Hathras Stampede: हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित ‘भोले बाबा’ के एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 121 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद से ही हर कोई ‘भोले बाबा’ के बारे में जानना चाहता है कि आखिर यह हैं कौन? क्यों इतनी संख्या में लोग इनका सत्संग सुनने पहुंचे?
आइए, हम बताते हैं ‘भोले बाबा’ के बारे में…
पुलिस की नौकरी छोड़ बने आध्यात्मिक गुरु
बाबा नारायण हरि उर्फ साकार विश्व हरि ‘भोले बाबा’ ने करीब दो दशक से अधिक समय पहले पुलिस की नौकरी छोड़कर आध्यात्म की ओर रुख किया था और अपने अनुयायियों की एक बड़ी तादाद खड़ी कर दी। पटियाली के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) विजय कुमार राना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से इस बात की पुष्टि की कि ‘भोले बाबा’ बहादुर नगर के रहने वाले हैं।
खबरों के मुताबिक, इनके अनुयायी पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत देशभर में हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर इनकी दूर-दूर तक कोई चर्चा नहीं है। बाबा का कोई आधिकारिक अकाउंट भी किसी प्लेटफॉर्म पर सामने नहीं आया है। कथित भक्तों का दावा है कि भोले बाबा के सत्संग में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई को सीओ विजय कुमार ने बताया कि सूरजपाल के तीन भाइयों में एक की मौत हो चुकी है और ‘भोले बाबा’ के रूप में ख्याति पाने वाले बाबा ने यहां बहादुर नगर की अपनी संपत्ति को एक ट्रस्ट बनाकर एक “केयर टेकर” नियुक्त किया है। बाबा की कोई संतान नहीं है और पत्नी को अपने साथ ही लेकर सत्संग में जाते हैं।
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हर मंगलवार को होता है सत्संग
खबरों के मुताबिक, भोले बाबा का सत्संग हर मंगलवार को पश्चिमी यूपी के अलीगढ़, हाथरस जिलों में भी आयोजित किया जाता है। इसमें हजारों की संख्या में लोग आते हैं। हाथरस के एक जानकार ने बताया, ‘‘बाबा प्रवचन देते हैं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपने ‘वालंटियर’ रखते हैं, जो उनके सत्संग की व्यवस्था संभालते हैं।’
कोरोनकाल के दौरान भी भोले बाबा ने सत्संग किया था, जिसकों लेकर यह चर्चा में आए थे।
नारायण हरि की एक खासियत यह है कि वह भगवा वस्त्र नहीं पहनते हैं, बल्कि सफेद सूट और टाई पहनना पसंद करते हैं। इसके अलावा, वह कुर्ता-पायजामा पहनना भी पसंद करते हैं। अपने प्रवचनों के दौरान वह कहते हैं कि उन्हें जो कुछ भी दान दिया जाता है, उसमें से वे कुछ भी नहीं रखते और उसे अपने भक्तों पर खर्च कर देते हैं।
दम घुटने से हुई कई लोगों की मौत
हाथरस जिले में हुई भगदड़ की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है। राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बुधवार को यह जानकारी दी गई। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। अधिकांश अनुयायियों की मौत दम घुटने के कारण हुई। हाल के वर्षों में हुई यह सबसे बड़ी त्रासदी है।
राहत आयुक्त द्वारा जारी की गई ताजा सूची के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है, जिनमें से 19 की पहचान अभी भी नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।