गुर्जर आंदोलन को शुरू हुए छह दिन बीत चुके हैं और इसके खत्म होने के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं बल्कि इसकी आंच फैलती ही जा रही है।
बृहस्पतिवार को प्रस्तावित ‘एनसीआर रोको’ आंदोलन पर काबू पाने की कोशिशों के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों को परामर्श जारी किए हैं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाई एलर्ट घोषित किया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एमएल कुमावत और दिल्ली पुलिस के मुखिया वाईएस यादव के साथ बैठक की और प्रधानमंत्री को भी स्थिति से अवगत कराया।
इस बीच आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर आंदोलनकारियों ने दिल्ली के सीमावर्ती इलाके में टायर जलाकर प्रदर्शन करते हुए एक मुख्य सड़क जाम कर दी। पुलिस सह आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि प्रदर्शन के चलते घंटों जाम लगा रहा और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
उधर हालात पर नियंत्रण पाने के लिए थलसेना प्रमुख दीपक कपूर ने राजस्थान में और सैन्य टुकड़ियां भेजने का सुझाव दिया है। फिलहाल राजस्थान के दौसा और हिंसा से प्रभावित दूसरे जिलों में करीब 2100 सैन्यकर्मी तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा अजमेर, अलवर, बरन, झालावाड़, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, कोटा, झुंझनू, करौली, सवाईमाधोपुर और टोंक समेत 15 जिलों में एनएसए लागू कर दिया गया है जिसके तहत किसी भी शख्स को बिना वॉरेंंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके सूत्रधार गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला पर सरकारी गाज गिरने वाली है।