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सौ सरकार की…तो अब बारी आई सपा के वार की!

Last Updated- December 07, 2022 | 9:43 AM IST

परमाणु करार पर संकट में आई कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को बचाने की कीमत लगता है मुकेश अंबानी को चुकानी पड़ेगी।


अनिल अंबानी से गलबहियां करने के लिए चर्चित मुलायम सिंह की नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार को सहारा तो देने को तैयार है, लेकिन इसके एवज में पार्टी महासचिव अमर सिंह ने शर्तों की झड़ी लगा दी है। 

इसके तहत रुपये की विनिमय दर तय करने और रिलायंस इंडस्ट्रीज पेट्रोलियम रिफाइनरी को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट (ईओयू) का दर्जा समाप्त करने की मांग की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को विभिन्न मुद्दों से संबंधित सूची सौंपी है और उन पर गंभीरता से विचार करने को कहा है।

सपा की इन शर्तों से यह कयास भी लगाया जा रहा है कि अंबानी बंधुओं की लड़ाई की गूंज अब राजनीतिक गलियारों में भी पहुंचने लगी है। हालांकि  सपा महासचिव ऐसी किसी भी बात से स्पष्ट इनकार करते हैं। उधर,  अमर सिंह ने प्रधानमंत्री से कहा है कि इन शर्तों पर विचार के लिए प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल समूह या फिर एक समिति का गठन करें। 4 जुलाई को सौंपे गए पत्र में सपा की ओर से कहा गया है कि वित्त मंत्री को रुपये की विनिमय दर निश्चित रूप से तय करनी चाहिए, जो 39 रुपये प्रति डॉलर हो।

अमर सिंह ने बताया कि वित्त मंत्री और आरबीआई की इस पहल से मुद्रास्फीति दर में तत्काल 2 से 4 फीसदी की गिरावट आ सकती है। दरअसल, उनका मानना है कि ऐसा करने से आयात खर्च में कमी आएगी, जिससे कीमतों पर काबू पाने में मदद मिल सकती है। सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि तेल कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुनाफे पर कम से कम 50 फीसदी कर कर लगाया जाए। इसके अलावा, स्टील, सीमेंट की तरह ही पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर तत्काल पाबंदी लगाने की भी मांग की है।

इंटरनेशनल एनर्जी रिपोर्ट का हवाला देते हुए सिंह ने ईओयू के निर्णय को गलत कदम बताया और उसे खत्म करने की मांग की है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि कैग ने इस निर्णय की खामियों को उजागर किया है, जिसमें कहा गया है कि ईओयू दर्जा प्राप्त कंपनियों से महंगी दरों पर पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने से इंडियन ऑयल को 1500 करोड़ रुपये सालाना का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अमर सिंह ने मोबाइल नेटवर्क के इस्तेमाल के लिए एलोकेशन शुल्क का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को उठाने का मकसद किसी खास व्यक्ति को लाभ लाभ पहुंचाना या किसी कॉरपोरेट घराने को नुकसान पहुंचाना नहीं है।  अगर अनिल अंबानी स्पेक्ट्रम लेना चाहते हैं, तो उन्हें इसके एवज में शुल्क देना होगा। मुकेश अंबानी अगर मध्यवर्ग की कीमत पर मुनाफा कमाते हैं, तो मध्यवर्ग को भी हिस्सा मिलना चाहिए।

करार के बहाने वार

रिलायंस इंडस्ट्रीज पेट्रोलियम रिफाइनरी के एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट का दर्जा खत्म किया जाए
सरकार तय करे रुपये की विनिमय दर
तेल कंपनियों से 50 फीसदी वसूला जाए प्रॉफिट टैक्स
ईओयू दर्जा प्राप्त कंपनियों से महंगी दरों पर पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने की बाध्यता खत्म हो

First Published - July 8, 2008 | 12:52 AM IST

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