भारतीय वायुसेना ( IAF ) की स्थापना आजादी से पहले 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। जिसके बाद से हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है। स्थापना दिवस वो मौका होता है जब भारतीय वायुसेना अपनी ताकत का प्रदर्शन करती है।
वायुसेना के इतिहास में पहली बार एयर फोर्स डे दिल्ली से बाहर चंडीगढ़ में मनाया जा रहा है, और यही इस साल भारतीय वायुसेना की सबसे ख़ास बात है। आज दर्शकों को चंड़ीगढ़ की सुप्रसिद्ध सुकना लेक के आसमान में वायुसेना की ताकत का नजारा देखने को मिलेगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे से हो गई।
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हैं। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी वहां मौजूद है। एयर शो से पहले आज वायुसेना अड्डे पर औपचारिक परेड होगी। परेड का निरीक्षण एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी करेंगे। इस मौके पर वायुसेना प्रमुख इस अवसर पर वायुसेना कर्मियों के लिए लड़ाकू वर्दी के नए प्रारूप का भी अनावरण करेंगे।
परेड के दौरान एयर बेस पर हेलीकॉप्टर की दो फोर्मेशन की फ्लाई पास्ट भी होगी। साथ-ही वायुसैनिकों को गैलेंट्री मेडल भी दिया जाएगा। वायुसेनाध्याक्ष इस दौरान एयर फोर्स की नई कॉम्बेट यूनिफॉर्म भी जारी करेंगे। ठीक वैसे ही जैसे इस साल थलसेना दिवस पर सेना की नई वर्दी जारी की गई थी।
वायुसेना के मुताबिक, इस साल फ्लाई पास्ट दो घंटे चलेगा। यह दोपहर 2.45 से शुरू होकर शाम 4.44 तक चलेगा। फ्लाई पास्ट में करीब 80 सैन्य विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड, हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस, सुखोई, मिग-29, जगुआर, राफेल, आईएल-76, सी-130जे, हॉक, हेलीकॉप्टरों में हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव, चिनूक, अपाचे और एमआई-17 फ्लाई पास्ट में शामिल होंगे।
आपको बता दें कि भारत के स्वतंत्र होने से पहले तक वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स (RIAF) कहा जाता था। भारतीय वाय्सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 में की गई थी। आजादी के बाद वायुसेना के नाम में से "रॉयल" शब्द को हटाकर सिर्फ इंडियन एयरफोर्स ( IAF ) कर दिया गया।