facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

International equal pay day: अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस आज, जानिए क्या है इसका महत्व

Last Updated- December 11, 2022 | 3:27 PM IST

पूरी दुनिया में आज अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस (International equal pay day) मनाया जा रहा है। 2020 के बाद से यह प्रत्येक वर्ष 18 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गो के लिए समान वेतन तथा लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है। दुनिया के अधिकतर देशों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम वेतन मिलता है। अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस मनाने का उद्देश्य इसे खत्म करना है।
क्या है अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 नवंबर 2019 को पहली बार 18 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस मनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के दौरान यह फैसला लिया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह प्रस्ताव 105 सदस्य देशों द्वारा सह-प्रायोजित था। उसके बाद सदस्य देशों की सर्वसम्मति के बाद इसे मनाने का यह फैसला लिया गया। उसके बाद से यह हर साल 18 सितंबर को मनाया जाने लगा।
पुरुषों और महिलाओं के वेतन में भारी अंतर

पूरी दुनिया में पुरुषों और महिलाओं के वेतन में भारी अंतर देखने को मिलता है। आज भी कामकाजी महिलाएं अत्यंत लैगिंक भेदभाव का शिकार है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक आज भी पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव को पूरी तरह खत्म करने में 257 साल लग सकते हैं। विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने कहा था कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर भुगतान मिलने में अभी भी 100 साल लगेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस का महत्व

दुनिया के अधिकतर देश अभी भी पुरुष प्रधान है जहां महिलाओं को वो अधिकार प्राप्त नहीं है जो एक पुरुषों को प्राप्त है। समाज में हमेशा महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले कमतर आंका गया है। जबकि आज के समय में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों न सिर्फ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है बल्कि आगे भी है। इन्हीं बातों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 18 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस मनाने का फैसला लिया ताकि समाज में व्याप्त लैंगिक अंतर कम हो सके और लोगों के अंदर इसके प्रति जागरूकता बढ़े।

First Published - September 18, 2022 | 3:30 PM IST

संबंधित पोस्ट