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अगस्त में नौकरियों का सृजन सुस्त

Last Updated- December 11, 2022 | 1:26 PM IST

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से आज जारी हाल के पेरोल आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने में नई औपचारिक नौकरियों का सृजन 10 लाख के नीचे पहुंच गया है। जुलाई की तुलना में इसमें 11.9 प्रतिशत गिरावट आई है। ऐसा पिछले 5 माह में पहली बार हुआ है।
 अगस्त महीने में ईपीएफ सदस्यों की संख्या तेजी से गिरकर 9,86,850 पर पहुंच गई है, जो जुलाई में 11,19,698 थी। अगस्त महीने में जुलाई की तुलना में महिला सदस्यों के पंजीकरण की संख्या में 12.5 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो पुरुषों की संख्या में आई 11.6 प्रतिशत गिरावट की तुलना में कम है।

 यह सर्वे कराने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में भारत ने रोजगार के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है। बेरोजगारी की दर बढ़कर 8.3 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले 12 महीनों की तुलना में सर्वाधिक स्तर है। सीएमआईई ने एक बयान में कहा है, ‘बेरोजगारी की दर में बढ़ोतरी से पर्याप्त नौकरियों का सृजन न कर पाने को लेकर अर्थव्यवस्था की अक्षमता का पता चलता है।

खासकर ऐसे समय में यह स्थिति है, जब लोगों की नौकरियों की मांग बढ़ी है।’ सीएमआईई के आंकड़ों से पता चलता है कि वेतन वाली नौकरियों में अगस्त महीने में 46 लाख की गिरावट आई है। यह 15 महीने में वेतन वाली नौकरियों में सबसे तेज गिरावट है। अगस्त में जुड़े नए ईफीएफ सदस्यों में 5,75,570 सदस्यों 18 से 25 साल के हैं।
यह जुलाई के 6,43,038 सदस्यों की तुलना में 10.5 प्रतिशत कम है। यह अहम है क्योंकि 18 से 25 साल उम्र के सदस्यों को मजदूरों के बाजार में पहली बार नौकरी करने वालों के रूप में देखा जाता है। इससे नौकरियों के बाजार में तेजी का पता चलता है। बहरहाल शुद्ध रूप से पेरोल में जुड़ी संख्या, जिसमें नए शामिल लोगों, इसमें से बाहर निकले लोगों और पुराने सबस्क्राइबर के वापस आने की गणना होती है, अगस्त में बढ़कर 16,94,211 हो गई, जो जुलाई के 16,52,818 की तुलना में ज्यादा है।
अगस्त महीने में ईपीएफ योजना से बाहर हुए सदस्यों की संख्या तेजी से गिरकर 3,71,101 हो गई, जो जुलाई में 7,38,438 थी। अगस्त के 16,94,211 शुद्ध सदस्य में 13,31,053 पुरुष जबकि महज 3,63,199 महिलाएं हैं। 

उल्लेखनीय है कि शुद्ध मासिक पेरोल की संख्या अनंतिम प्रकृति की होती है और अक्सर अगले मंहीने इसमें तेज बदलाव हो जाता है। यही वजह है कि नए ईपीएफ सदस्यों के आंकड़ों को ज्यादा विश्वसनीय माना जाता है।

 मासिक आंकड़े जारी किया जाना पेरोल का इस्तेमाल कर औपचारिक क्षेत्र में रोजगार पर नजर रखने की सरकार की कवायद का हिस्सा  है। अप्रैल 2018 से एनएसओ औपचारिक क्षेत्र में रोजगार से संबंधित आंकड़े पेश करता रहा है, जिसमें सितंबर 2017 और उसके बाद के आंकड़े शामिल हैं। 
इसमें सबस्क्राइबरों की संख्या को सूचना के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें तीन प्रमुख योजनाओं- कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना और राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) को शामिल किया गया है।

First Published - October 20, 2022 | 10:19 PM IST

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