पब्लिक सेक्टर की बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) ने वित्त वर्ष 2023-24 में अडाणी समूह (Adani Group) की कंपनियों में किए गए अपने निवेश मूल्य में 59 प्रतिशत का लाभ दर्ज किया है। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से समूह के शेयरों के प्रभावित होने के बाद उन्होंने जोरदार वापसी की।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, अडाणी समूह (Adani Group) की सात कंपनियों में एलआईसी का कुल निवेश 31 मार्च, 2023 को 38,471 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च, 2024 को 61,210 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 22,378 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
पिछले साल, हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडाणी के शेयरों में हेराफेरी के आरोपों के बाद बीमा कंपनी को भी समूह में निवेश करने के अपने फैसले पर सवालों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, अडाणी ने रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया था।
राजनीतिक दबाव का सामना करते हुए, एलआईसी ने रणनीतिक रूप से समूह की दो प्रमुख कंपनियों – अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड और अडाणी एंटरप्राइजेज – में अपना निवेश कम कर दिया था। इन दो कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 83 प्रतिशत और 68.4 प्रतिशत की तेजी हुई।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, निवेश घटाने के बावजूद एलआईसी को वित्त वर्ष 2023-24 में अडाणी समूह में किए गए निवेश पर 59 प्रतिशत का लाभ हुआ। इस दौरान अडाणी समूह की कंपनियों में कई विदेशी निवेशकों – कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, अबू धाबी स्थित आईएचसी, फ्रांसीसी दिग्गज टोटल एनर्जी और अमेरिका स्थित जीक्यूजी इन्वेस्टमेंट ने लगभग 45,000 करोड़ रुपये का निवेश किया।
आंकड़ों के मुताबिक, अडाणी एंटरप्राइज लिमिटेड में एलआईसी का निवेश 31 मार्च, 2023 को 8,495.31 करोड़ रुपये से बढ़कर एक साल बाद 14,305.53 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड में निवेश 12,450.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 22,776.89 करोड़ रुपये हो गया।
अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy) में एलआईसी का निवेश एक साल में दोगुना से अधिक होकर 3,937.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।