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‘माया’ जाल: अनिल आउट

Last Updated- December 07, 2022 | 12:41 PM IST

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में प्रस्तावित 3,300 मेगावाट के दो बिजली संयंत्रों के निर्माण के लिए सबसे कम बोली लगाने के बावजूद अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस पावर को इसका ठेका नहीं मिलेगा।


एनर्जी टास्क फोर्स (ईटीएफ) ने निविदा का अध्ययन करने के बाद कहा कि बिजली आपूर्ति के लिए जिस दर पर बोली लगाई गई है, वह काफी ज्यादा है। राज्य के मुख्य सचिव अतुल कुमार ने बताया कि बारा और करछना बिजली संयंत्रों के लिए ईटीएफ ने नई निविदा आमंत्रित करने की बात कही है। हालांकि उन्होंने बताया कि इस संबंध में अंतिम फैसला राज्य कैबिनेट को करना है।

अगर ऐसा हुआ, तो इन दो संयंत्रों के लिए तीसरी बार बोली आमंत्रित की जाएगी। 17 जुलाई को मूल्यांकन समिति ने निविदा के वित्तीय और कानूनी पहलुओं का गहन अध्ययन किया और इस नतीजे पर पहुंची कि बिजली आपूर्ति के लिए लगाई गई बोली और कम होनी चाहिए। गौरतलब है कि दूसरी बार आमंत्रित निविदा में रिलायंस पावर ने 1,980 मेगावाट के बारा संयंत्र के लिए 2.64 रुपये प्रति यूनिट और 1320 मेगावाट के करछना संयंत्र के लिए 2.60 रुपये प्रति यूनिट की बोली लगाई थी।

हालांकि यह राशि पहली निविदामें लैंको इन्फ्राटेक की ओर से लगाई गई बोली से मात्र एक पैसे ही कम थी। राज्य के मुख्य सचिव (ऊर्जा) वी.एन. गर्ग ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि एक पैसे कम की बोली से न तो सरकार और न ही उपभोक्ता का कोई भला होगा। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार चाहती है कि बिजली आपूर्ति के लिए दर 2 रुपये प्रति यूनिट हो। सूत्रों का कहना है कि फिर से नई बोली आमंत्रित करने में कम से कम छह माह का समय लगेगा, ऐसे में इस परियोजना के शुरू होने में देरी हो सकती है।

जबकि राज्य सरकार की योजना है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राज्य में बिजली उत्पादन की क्षमता 10,000 मेगावाट तक हो। उल्लेखनीय है कि पहली इस साल अप्रैल माह में आयोजित की गई थी, जिसमें लैंको ने सबसे कम दर पर बिजली आपूर्ति की बात कही थी, लेकिन यूपीपीसीएल ने इस दर में और कमी लाने के मकसद से बोली रद्द कर दी थी। उसके बाद जून माह में दूसरी बार बोली आमंत्रित की गई, जिसमें रिलायंस पावर ने लैंको, एनटीपीसी, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड और सीईएससी को पीछे छोड़ते हुए सबसे कम बोली लगाई।

सबसे कम बोली लगाने के बाद भी प्रस्तावित बिजली संयंत्रों के लिए नहीं मिला ठेका
ईटीएफ के मुताबिक, बिजली आपूर्ति की दर हो और कम
बारा और करछना में प्रस्तावित संयंत्रों के लिए तीसरी बार आयोजित की जा सकती है बोली

First Published - July 21, 2008 | 2:01 AM IST

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