उत्तरप्रदेश में सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत विभिन्न क्षेत्रों में ठंडी प्रतिक्रिया की परवाह किए बगैर मायावती ने शहरों में आधारभूत-ढांचे के विकास के लिए निजीक्षेत्रों से पात्रता आवेदन की मांग की है।
इसके तहत करीब 12,500 करोड़ की लागत से राज्य के 8 बड़े शहरों में आधारभूत विकास परियोजनाओं को शुरू किया जाएगा। ‘समेकित शहरी नवीनीकरण योजना’ के तहत लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, मेरठ, गाजियाबाद और वाराणसी का विकास किया जाएगा। इस बाबत निविदा से पहले की बैठक दिल्ली में 11 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
परियोजना के लिए पात्रता आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 23 सितंबर है। लखनऊ में सर्वाधिक राशि करीब 3,505 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत लखनऊ में 410 करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर, 100 करोड़ रुपये की लागत से अतंरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स, 270 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जबकि स्वचालित मल्टीलेवल कार पार्किंग पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, गोमती नदी के विकास और साफ-सफाई पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। वहीं ठोस कूड़ा निपटान पर 150 करोड़ रुपये, बाहरी रिंग रोड निर्माण पर 500 करोड़ रुपये, जबकि गोमती नगर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहरी विकास परियोजना के तहत इलाहाबाद में 2,375 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसमें 2,200 करोड़ रुपये शहर में बाहरी रिंग रोड के निर्माण पर खर्च होगा, जबकि 105 करोड़ की लागत से 26 मल्टीलेवल पार्किंग और व्यावसायिक परिसर का निमार्ण किया जाना प्रस्तावित है।
इसके अलावा, कानपुर शहर में 270 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 200 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और 15 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
आगरा में 880 करोड़ रुपये रिंग रोड के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण अनुकूल बस-सेवा पर 260 करोड़ रुपये और नदी विकास परियोजना पर 160 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। ठोस कूड़ा निपटान पर सरकार 120 करोड़ रुपये खर्च करेगी, वहीं 200 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसपोर्ट नगर और बस टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा।
अगारा में भी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने की योजना है, जिस पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। करीब 1,090 करोड़ रुपये की लागत से अलीगढ़ शहर के कायाकल्प करने की योजना है। परियोजना के तहत शहर में बाहरी रिंग रोड का जाल बिछाया जाएगा, जिस पर करीब 850 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, वहीं ट्रांसपोर्ट नगर पर 150 करोड़ रुपये और मल्टीलेवल कार पार्किंग निर्माण पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मेरठ शहर के विकास पर 530 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है, जिसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, गाजियाबाद शहर के आधारभूत विकास पर 1,250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत शहर में एनएच 58 पर एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे, एनएच 24 और एनएच 58 के बीच ट्रांसपोर्ट नगर और मोहन नगर में हिंडन नदी पर पुल बनाने की योजना है।
वाराणसी के विकास पर राज्य सरकार करीब 910 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत ट्रांसपोर्ट नगर, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और भूमिगत कार पार्किंग बनाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत बनाया जाएगा, जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 11 फीसदी से 49 फीसदी तक होगी।
इन शहरों का होगा कायाकल्प
शहर लागत
लखनऊ 3,505
इलाहाबाद 2,375
आगरा 1,770
कानपुर 1,135
गाजियाबाद 1,250
अलीगढ़ 1,090
वाराणसी 910
मेरठ 530
(रुपये करोड़ में)