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भ्रामक विज्ञापनों पर लगेगा अंकुश

Last Updated- December 11, 2022 | 6:22 PM IST

सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत भ्रामक विज्ञापनों पर अंकुश लगाने के लिए दिशानिर्देश अधिसूचित कर दिए हैं। दिशा निर्देशों में यह भी कहा गया कि अगर कोई मशहूर हस्ती किसी विज्ञापन का प्रचार कर रही है तो उसे बताना होगा कि इसमें कहीं उसका कोई व्यक्तिगत हित तो नहीं छुपा है। दिशा निर्देशों में सरोगेट विज्ञापन पर भी रोक लगाई गई है । उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शिशुओं के उत्पादों से जुड़े विज्ञापन के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरोगेट विज्ञापन ऐसे विज्ञापन होते हैं जिनमें अप्रत्यक्ष रूप से किसी अन्य उत्पाद का प्रचार किया जाता है।
उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने इन दिशानिर्देशों की घोषणा करते हुए कहा कि विज्ञापनों में उपभोक्ता काफी दिलचस्पी लेते हैं। सीसीपीए अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाले भ्रामक विज्ञापनों से निपटने का प्रावधान है। सिंह ने कहा कि उद्योग को अधिक स्पष्ट और जागरूक बनाने के लिए सरकार आज से निष्पक्ष विज्ञापनों के लिए दिशानिर्देश लेकर आई है। उन्होंने कहा कि यह दिशानिर्देश प्रिंट टेलीविजन और ऑनलाइन जैसे सभी मंचों पर प्रकाशित विज्ञापनों पर लागू होंगे। नए दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने बच्चों को निशाना बनाने वाली भ्रामक विज्ञापनों को नियंत्रित करने के लिए भी विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों में कंपनियों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी फायदों के बारे में झूठ दावे करने से रोकने और उपहार का लालच देकर बच्चों की सम्मान एवं सेवाएं लेने के लिए राजी करने आदि पर रोक लगाने का प्रावधान है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम एवं विज्ञापनों के संबंध में आवश्यक सावधानी दिशानिर्देश 2022 में बच्चों को निशाना बनाने वाले विज्ञापनों के बारे में 19 प्रावधान किए हैं।
उपभोक्ता मामलों के सचिव ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सिफारिश के बाद इन बच्चों को निशाना बनाने वाले भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए विस्तृत प्रावधान किए गए हैं। नए दिशा निर्देशों के अनुसार उन विज्ञापनों को भ्रामक माना जाएगा जो अपने उत्पाद को किसी अन्य मान्यता प्राप्त निकाय द्वारा उचित युवा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कराए बिना ही किसी स्वास्थ्य पोषण या लाभ के संबंध में दावे करते हैं।
सरकारी एवं निजी विज्ञापन सभी इन दिशानिर्देशों के दायरे में आएंगे। सिंह ने कहा कि इन दिशानिर्देशों में विक्रेता को परिभाषित किया गया है और जो भी इस परिभाषा के दायरे में आएंगे उन पर नए दिशा निर्देश लागू होंगे।

First Published - June 11, 2022 | 12:40 AM IST

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