एटमी डील पर वाम दलों के समर्थन वापस लेने के बाद अपना बहुमत सिध्द करने के लिए सरकार ने 21 जुलाई को लोकसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है।
इसी सत्र के दौरान वह 22 जुलाई को विश्वास मत हासिल करेगी। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यह तय किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 21 जुलाई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे और उसके अगले दिन यानी, 22 जुलाई को उस पर मतदान होगा।
कैबिनेट समिति के इस फैसले को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल जाने पर उसे राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पास भेजा जाएगा। शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री के निवास पर हुई संप्रग की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा- हम अपना बहुमत सिध्द कर देंगे।