श्रम, कपड़ा और रोजगार पर संसदीय स्थायी समिति ने खराब प्लेसमेंट रिकॉर्ड और कौशल विकास के लिए सरकारी महत्वाकांक्षी योजना में धन का कम उपयोग होने पर गंभीर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई 3.0) अब अपने तीसरे संस्करण में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के द्वारा लागू की गई है।
समिति ने लोकसभा अध्यक्ष को सितंबर में दिए रिपोर्ट में बताया है कि पीएमकेवीवाई 3.0 के तहत 399,860 प्रमाणित अभ्यर्थियों में से केवल 30,599 (7.7फीसदी) को ही 30 जून, 2022 तक नौकरी दी गई है। इसी तरह, वित्त प्रदर्शन देखे तों आवंटित कुल 686.02 करोड़ रुपये में से सिर्फ 294.98 करोड़ रुपये ( 43 फीसदी) उपयोग किए गए हैं।
समिति ने कहा कि वह इस बात से चिंतित है कि योजना में सुधार के बावजूद खराब प्लेसमेंट रिकॉर्ड और पीएमकेवीवाई 2.0 को प्रभावित करने वाले धन के कम उपयोग वाले मुद्दे पीएमकेवीवाई 3. में भी बने हुए हैं।समिति ने महसूस किया है, ‘समिति का यह सुविचारित मत है कि जब प्लेसमेंट के आंकड़े बेहद कम होते हैं तो उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने और प्रमाणित करने का उद्देश्य ही विफल हो जाता है।