केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से कहा है कि वह उन ताप बिजली संयंत्रों (टीपीपी) पर जुर्माना लगाने पर विचार करे, जो उत्सर्जन रोकने के पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं और पर्याप्त मात्रा में बायोमास की को-फायरिंग नहीं कर रहे हैं।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा है कि बिजली मंत्रालय उन टीपीपी की कोयला आपूर्ति घटाने पर भी विचार करेगा, जो बायोमास को-फायरिंग की नीति का पालन नहीं कर रहे हैं।
पर्यायवरण मंत्री भूपेंद्र यादव और बिजली मंत्री आरके सिंह ने सोमवार को अंतरमंत्रालयी बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में ताप बिजली संयंत्रों द्वारा बायोमास की को-फायरिंग के मामले में प्रगति की समीक्षा की गई।
उन्होंने पाया कि कोयले के साथ 5 प्रतिशत बायोमास की को-फायरिंग अनिवार्य करने की नीति आने के बावजूद टीपीपी अभी लक्ष्य से बहुत दूर हैं। खरीफ सत्र की कटाई शुरू होने के पहले यह बैठक आयोजित की गई है।
दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआऱ) की सभी बिजली इकाइयों के प्रमुखों, सीएक्यूएम, केंद्रीय बिजली प्राधिकरण और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने इस बैठक में हिस्सा लिया।