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राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति जारी करेंगे प्रधानमंत्री

Last Updated- December 11, 2022 | 3:38 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में उत्पादों के निर्बाध आवागमन को बढ़ावा देने के लिए 17 सितंबर को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति जारी करेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को व्यापार बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री 17 सितंबर को देश की लॉजिस्टिक नीति पेश करने जा रहे हैं।’
इस नीति में प्रक्रियागत इंजीनियरिंग, डिजिटलीकरण और बहु-साधन परिवहन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान दिए जाने की संभावना है। यह कदम इस लिहाज से अहम है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में घरेलू उत्पादों को प्रतिस्पर्द्धी बनाने में ऊंची लॉजिस्टिक लागत प्रतिकूल असर डालती है। सरकार ने वर्ष 2020 के बजट में घोषणा की थी कि वह राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति लेकर आएगी। 
सरकार देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लॉजिस्टिक लागत को 13-14 प्रतिशत के मौजूदा अनुपात से नीचे लगाने पर जोर देती रही है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, लॉजिस्टिक क्षेत्र काफी जटिल है जिसमें 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 भागीदार सरकारी एजेंसियां और 37 निर्यात प्रोत्साहन परिषदें भी शामिल हैं। इसमें 200 जहाजरानी एजेंसियां, 36 लॉजिस्टिक सेवाएं, 129 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और बैंक एवं बीमा कंपनियां भी इसका हिस्सा हैं।
देश भर में दस हजार से अधिक उत्पादों के लॉजिस्टिक कारोबार का आकार 160 अरब डॉलर है। इस क्षेत्र में 2.2 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। मंत्रालय ने कहा है कि इस क्षेत्र की हालत बेहतर होने से अप्रत्यक्ष लॉजिस्टिक लागत में 10 प्रतिशत की कमी आएगी जिससे निर्यात में पांच से आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

First Published - September 13, 2022 | 9:24 PM IST

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