उद्योग संगठनों की तरफ चीनी कोटा तय किये जाने की बढ़ती मांग को देखते हुए केन्द्र सरकार जल्द ही विपणन वर्ष 2022-23 के लिए चीनी निर्यात कोटा घोषित कर सकती है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार चीनी निर्यात कोटा प्रणाली के बजाय वर्तमान खुली निर्यात नीति जारी रखने की वकालत की है।
राज्य सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र की चीनी मिलें कोटा आधारित चीनी निर्यात के खिलाफ हैं और इससे कारखानों को सीमित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि चीनी निर्यात के मामले में केंद्र सरकार द्वारा खुली नीति अपनाने के कारण 2021-22 में भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया। इससे चीनी मिलों को वित्तीय स्थिरता मिली और विदेशी मुद्रा में भी वृद्धि हुई।
शिंदे ने अपने पत्र में कहा कि हमें जानकारी मिली है कि इसी साल से चीनी निर्यात के लिए कोटा प्रणाली लागू कर दी जाएगी। इस तरीके को हमारे शुगर मिलधारकों का नुकसान होगा। मार्च तक देश में पेराई का सीजन खत्म हो जाएगा जबकि ब्राजील में सीजन 1 अप्रैल से शुरू होता है और प्रतिस्पर्धा पैदा करता है जिससे अन्य चीनी निर्यातक देशों को लाभ होता है।