भारतीय रेलवे अपनी आपदा सेवाओं और खासकर रेल दुर्घटनाओं के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को बेहतर बनाने के लिए अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों की सेवाएं लेगी।
रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रेलवे ने रेल दुर्घटनाओं के बाद राहत एवं बचाव कार्य तथा चिकित्सा राहत मुहैया कराने और साथ ही दुर्घटनाओं के बाद रेल परिचालन को सामान्य बनाने की अपनी क्षमता को उन्नत बनाने का निर्णय किया है।
रेलवे ने सलाहकार के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति की कंपनियों की सेवाएं लेने का फैसला किया है। रेलवे ने आपदा प्रबंधन से जुड़े जिन क्षेत्रों में सलाहकारों की सेवाएं लेने का निर्णय किया है उनमें आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए मानक तैयार करना, राहत एवं बचाव और ट्रेनों की आवाजाही को सामान्य बनाने से संबंधित तकनीक के प्रशिक्षण के लिए संस्थान की स्थापना करना और मैन्यूल्स तैयार करना और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रशिक्षण के बारे में फिल्में बनाना शामिल है।
इसमें उन कंपनियों की सेवाएं ली जाएगी जिन्हें जटिल किस्म की आपदा प्रबंधन परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का लंबा अनुभव हो। मंत्रालय की शर्तों के अनुसार संबंधित कंपनी ने पिछले दस वर्ष में हर साल तकरीबन दस लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य तक की परियोजनाओं को अंजाम दिया हो। अधिकारियों के अनुसार रेल दुर्घटना के समय तत्काल बचाव कार्य शुरू होने से काफी हद तक जान माल का नुकसान रोका जा सकता है।