सरकार की महत्त्वाकांक्षी शुरुआत – डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) के धीरे-धीरे जोर पकड़ने के साथ ही कोयंबटूर में छोटे खुदरा विक्रेताओं को डिजिटलीकरण के लाभ दिखने शुरू हो गए हैं।
मैकेनिकल इंजीनियर से छोटे स्तर के खुदरा दुकानदार बनने वाले संतोष कुमार के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह था कि पड़ोसी की एक मामूली-सी दुकान होने के बावजूद, वह ओएनडीसी की संरचना में शामिल होकर बड़ा ग्राहक आधार प्राप्त कर सकते थे। एक बड़े ग्राहक आधार का नतीजा आखिरकार अधिक बिक्री के रूप में सामने आएगा।
कुमार ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया ‘मुझे ऐप के कोड और उसे विकसित करने का ज्ञान तो है, लेकिन अपनी खुद की ऐप की शुरुआत करने के लिए वित्तीय संसाधन नहीं हैं। लेकिन अब हम ऑनलाइन स्टोर वाले हैं, पर हम ऑफलाइन भी बिक्री कर सकते हैं। हमें (खरीदारों की ऐप पेटीएम के जरिये) रोजाना पांच से 10 ऑर्डर मिल रहे हैं।’ वह 20 दिन पहले ओएनडीसी की प्रायोगिक शुरुआत में शामिल हुए थे। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि 29 अप्रैल को शुरू होने वाली इस प्रायोगिक शुरुआत में ओपन नेटवर्क लगातार उद्योग को अधिकाधिक रूप में अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।