केन्द्रीय कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तोहफा देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छठे वेतन आयोग की संशोधित सिफारिशों को मंजूरी दे दी।
इससे 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में औसतन 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। संशोधित वेतन से केंद्र पर करीब 15,700 करोड़ रुपये, जबकि रेलवे पर 6,400 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। नए वेतन एक जनवरी 2006 से लागू होंगे, जबकि भत्ते 1 सितंबर 2008 से दिए जाएंगे।
सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने बताया कि बकाया राशि दो किस्तों में जनवरी 2006 से अगस्त 2008 के लिए दिया जाएगा। चालू वित्त वर्ष के दौरान एरियर का 40 प्रतिशत और 2009-10 में एरियर का 60 फीसदी भुगतान किया जाएगा। नया वेतनमान 1 सितंबर 2008 से प्रभावी होगा। बकाया भुगतान मद में केंद्र पर करीब 29,373 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
दासमुंशी ने बताया कि सरकार ने केंद्रीय कर्मियों का न्यूनतम वेतन 7000 रुपये तय किया है, जबकि आयोग ने 6660 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन की सिफारिश की थी। इससे अब सरकारी कर्मचारियों को न्यूनतम 10,000 रुपये वेतन मिलेगा। वार्षिक बढ़ोतरी (इन्क्रीमेंट) को भी सरकार ने 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 3 फीसदी करने की घोषणा की है। इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में तीन पक्के प्रमोशन को मंजूरी दी है।
असैन्य कर्मचारियों को 10, 20 और 30 साल की सेवा पर प्रमोशन मिलेंगे, जबकि रक्षा बलों में जवानों को 8, 16 और 24 साल पर प्रमोशन दिए जाएंगे। सरकार ने पहली बार सशस्त्र बल कर्मियों के लिए सैन्य सेवा वेतन को मंजूरी दी है, जिसके तहत अधिकारियों को अपने मासिक वेतन के अलावा 6000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
दासमुंशी ने बताया कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से आम बजट पर 15,700 करोड़ रुपये का असर होगा, जबकि रेलवे बजट पर 6,400 करोड़ रुपये का। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अन्य फैसले किए गए। इसके तहत चेन्नई और कोलकाता हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी गई। परियोजना पर करीब 3750 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
छठा वेतन आयोग हुआ लागू
छठे वेतन आयोग की सिफारिश को कैबिनेट ने दी मंजूरी
नए वेतनमान के तहत सरकारी कर्मचारियों को न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा
नया वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू होगा
कर्मचारियों के बकाया राशि का भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा
नए वेतन आयोग से केंद्र पर पड़ेगा 11,000 करोड़ रुपये का ज्यादा भार
रक्षा और सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगे कम से कम तीन प्रमोशन
37 लाख नई नौकरियों का भी तोहफा
सरकार ने मौजूदा प्रधानमंत्री रोजगार योजना और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम का विलय कर नई स्कीम तैयार की है, जिसके जरिए 37 लाख नौकरियों का सृजन होगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। नई स्कीम का नाम ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ होगा। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बताया कि नई स्कीम के कार्यान्वयन पर 4485 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।