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छोटे कारोबारियों को बेरोजगारी का डर

Last Updated- December 07, 2022 | 2:43 AM IST

इक्रियर की रिपोर्ट के बाद खुदरा क्षेत्र के छोटे कारोबारियों को बेरोजगार होने का भय सताने लगा है।


उनका कहना है कि देश भर में 5 करोड़ छोटे खुदरा व्यापारी है और हर व्यापारी के साथ कम से कम चार और लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इन लोगों ने खुद के बचाव में सरकार से राष्ट्रीय व्यापार नीति बनाने की मांग की है।

ऐसा नहीं करने पर उन्होंने अगले महीने से राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चलाने की धमकी भी दी है। इक्रियर के मुताबिक संगठित क्षेत्र के खुदरा व्यापार के कारण प्रतिवर्ष लगभग 1.7 फीसदी छोटे कारोबारियों का कारोबार बंद होगा। व्यापारियों का कहना है कि रिपोर्ट में इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया है कि जिन छोटे कारोबारियों का व्यापार बंद होगा उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था होगी।

इस मामले में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसेसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि पश्चिमी देशों में कॉरपोरेट रिटेल समूह के कारण छोटे कारोबारियों को अपना व्यापार बंद करना पड़ा है। 1970-80 के दशक में यूरोप में लगभग 4 लाख दुकानें बंद हुई हैं।

कनफेडरेशन का कहना है कि इक्रियर ने रिपोर्ट तैयार करते समय 2004-05 के दौरान नेशनल सैंपल सर्वे आर्गेनाइजेशन व वर्ष 2007 में अर्जुन सेन गुप्ता कमीशन की सर्वे रिपोर्ट पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया।

एनएसएसओ ने रोजमर्रा के काम आने वाली प्रमुख वस्तुओं व सेवाओं को शामिल कर एक डाटाबेस तैयार कर प्रति व्यक्ति मासिक आय एवं प्रति व्यक्ति मासिक व्यय का खाका तैयार किया था। जिसके मुताबिक लगभग 77 फीसदी भारतीय मात्र 20 रुपये प्रतिदिन के व्यय पर जिंदगी जी रहे हैं।

मध्य वर्ग को छोड़ दें तो उच्च आय वर्ग कुल जनसंख्या का मात्र 4 फीसदी है। ऐसे में इक्रियर की रिपोर्ट हकीकत से अलग कहानी बयां करती है। इक्रियर ने कहा है कि अगले 5 वर्षों में भारत में जीडीपी की बढ़ोतरी 8-10 फीसदी की दर से होगी। इस कारण 90,000 रुपये से अधिक की घरेलू आय वाले लोगों की संख्या भारत में 2011-2012 के दौरान 62 करोड़ हो जाएगी।

और इस हिसाब से भारत में रिटेल व्यापार हर साल 13 फीसदी की दर से बढ़ेगा। और इस दौरान रिटेल कारोबार की मात्रा बढ़कर 590 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगी। वर्ष 2006-07 के दौरान रिटेल का कुल कारोबार 322 अरब अमेरिकी डॉलर का था।

First Published - May 30, 2008 | 9:51 PM IST

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