देश में गैर-वेतनभोगी लोगों के पास जल्द ही अधिकृत कोष प्रबंधकों के जरिए सेवानिवृत्ति की योजना बनाने का विकल्प होगा।
सरकार ने पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण से सेवानिवृत्ति योजना की शुरुआत करने को कहा है। अभी तक इस योजना का दायरा केंद्रिय कर्मियों के लिए ही सीमित है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि हमने पीएफआरडीए से आम आदमी के लिए एक योजना तैयार करने को कहा है।
इस समय गैर-वेतनभोगी लोगों के लिए सेवानिवृत्ति बाद की जरुरतों के लिए बचत करने की कोई योजना नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि निधि संगठन के सदस्यों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना का विकल्प मौजूद है। यह योजना इस समय 20,000 करोड़ रुपये के घाटे का सामना कर रही है।
इस योजना के दायरे में पहले केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को शामिल किया गया था और अब निजी क्षेत्र तक योजना के विस्तार के लिए पीएफआरडीए विधेयक के परित होने का इंतजार है।
विधेयक के पारित होने से पेंशन नियामक को कानूनी समर्थन हासिल हो सकेगा और वह निवेश तथा अन्य सेवा नियमों को अधिसूचित कर सकेगी। एक अधिकारी ने बताया कि नियामक आम लोगों की योजना का खाका तैयार कर रहा है। योजना का सुझाव पीएफआरडीए के अध्यक्ष डी स्वरूप ने दिया था।