विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने कहा कि वह 24 अगस्त से सिंगुर में नैनो परियोजना के पास धरना देंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का रास्ता अभी भी खुला हुआ है। हालांकि 400 एकड़ जमीन वापसी की मांग पर वह अड़ी रहेंगी। ममता ने सिंगुर के संकट के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया और कहा कि मांगों के बावजूद टाटा के साथ हुए भूमि समझौते को सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया है।
ममता ने कहा कि हम नहीं चाहते कि कोई पश्चिम बंगाल से बाहर जाए, लेकिन हम किसी दबाव के आगे झुकेंगे भी नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ‘ब्लैकमेलिंग’ नहीं होनी चाहिए। यह बड़ी गलती है कि निर्माण सामग्री की कथित चोरी के लिए सिंगुर के ग्रामीणों का नाम लिया गया।
यह पूछने पर कि क्या वह टाटा के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, उन्होंने कहा कि सैध्दांतिक रूप से हम रतन टाटा से यह चाहेंगे कि वह अनिच्छुक ग्रामीणों से जबर्दस्ती ली गई 400 एकड़ जमीन लौटाने की हमारी मांग मान लें।