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‘समाजवाद’ के एक अध्याय का अंत, करीब 6 दशक से अधिक रहा राजनीति के ‘अखाड़े’ के इस पहलवान का सफर

Last Updated- December 11, 2022 | 1:55 PM IST

भारतीय राजनीति में समाजवाद की मजबूत अवधारणा को पार्टी के रूप में स्थापित करने वाले मुलायम सिंह यादव नहीं रहे। गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में भर्ती ‘नेताजी’ ने सोमवार सुबह अंतिम सांस ली। कई दिनों से उनकी तबियत खराब थी, 1 अक्टूबर की रात उन्हें ICU में भर्ती किया गया था। 
 
करीब 6 दशकों तक भारत की राजनीति में सक्रिय रहे मुलायम सिंह
 
मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक करियर की शुरुआत यूं तो 1967 में उत्तर प्रदेश की राजनीति में कदम रखने से शुरू हो गई थी। 1967 में मुलायम सिंह यूपी में विधायक बने। लेकिन समाजवाद को एक पार्टी के रूप में भारतीय राजनीति में सशक्त रुप से स्थापित करने की शुरुआत 90 के दशक में हुई। मुलायम सिंह ने चार अक्टूबर 1992 को समाजवादी पार्टी की स्थापना की थी। 
 
मुलायम सिंह यादव ने सियासी अखाड़े में राम मनोहर लोहिया के साथ समाजवाद की राह पकड़ ली। इसके बाद चौधरी चरण सिंह के सहारे राजनीति में बुलंदी हासिल की। पहलवानी छोड़ राजनीति में आए मुलायम 90 के दशक के सियासी अखाड़े के सबसे मजबूत ‘पहलवान’ बनकर उभरे। 
 
आसान नहीं रहा मुख्यमंत्री तक का सफर 

करीब 6 दशकों के सियासी सफर में मुलायम यादव कई अच्छे-बुरे मोड़ से होकर गुजरे। राम मनोहर लोहिया के समाजवाद की राह पकड़े मुलायम यादव, कांग्रेस विरोधी विचारधारा के साथ सियासी दंगल में उतरे थे। उन्होंने अपने गुरु नत्थूसिंह के कहने पर पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर इतिहास रच दिया। राजनीतिक सफर में वे 8 बार MLA बने, 7 बार सांसद बने, 3 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, 1 बार एमएलसी और 1 बार केंद्र में रक्षा मंत्री भी रहे।

3 बार बने UP के मुख्यमंत्री

मुलायम सिंह यादव, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के पद पर तीन बार रहे। पहली बार 1989 में मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने और 1991 तक सीएम पद पर बने रहे। दूसरी बार 1993 से 1995 तक मुख्यमंत्री रहे और तीसरी बार 2003 से 2007 तक यूपी के मुख्यमंत्री पद संभाला। 

आइए एक नजर डालते हैं नेताजी के राजनीतिक सफर पर- 

1967, 1974, 1977, 1985, 1989, 1991, 1993 और 1996 में कुल 8 बार विधायक रहे। 
1989-91 में उत्तर प्रदेश के सीएम रहे। 
1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया। 
1993 से 1995 दूूसरी बार यूपी के सीएम पद पर काबिज हुए। 
तीसरी बार  2003 से 2007 तक यूपी के सीएम पद की कमान संभाली। 
1996-98 रक्षा मंत्री रहे। 
1998-99 में दोबारा सांसद चुने गए। इसके पहले 1996 में सांसद चुने गए थे। 
तीसरी बार 1999 में फिर से सांसद बने और सदन में सपा के नेता बने। 
मई 2009 में 5वीं बार सांसद बने। 
2014 में 6वीं बार सांसद बने। 
2019 से 7वीं बार सांसद थे। 
 

First Published - October 10, 2022 | 11:08 AM IST

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