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कहानी पूरी ‘पॉलिटिकल’ है…

Last Updated- December 07, 2022 | 10:03 AM IST

क्या होगा इस कहानी का ‘द एंड’…


सीन 1 वामदलों की समर्थन वापसी के बाद सरकार अगर सदन में समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के सहयोग से बहुमत साबित कर देती है, तो परमाणु करार पर वह बेहिचक आगे बढ़ सकती है।

सीन 2 जैसा कि खबरें आ रही हैं कि सपा के कुछ सांसद सरकार के खिलाफ में मत देंगे या फिर अन्य छोटे दलों का साथ न मिलने से सरकार अगर सदन में बहुमत सिद्ध नहीं कर पाती है, तो मध्यावधि चुनाव होंगे, जिसकी घोषणा चुनाव आयोग 2008 के अंत तक कर सकता है। हालांकि ऐसी स्थिति में परमाणु करार को सरकार को ठंडे बस्ते में डालना होगा।

सीन 3विश्वास मत के दौरान अगर वामपंथी पार्टिंयां समेत कुछ अन्य दल सदन में उपस्थित न हों, तो भी सरकार तो बच जाएगी और वह अपना कार्यकाल भी पूरा करेगी। लेकिन अल्पमत वाली ऐसी सरकार के लिए परमाणु करार की राह काफी मुश्किल हो जाएगी।

किरदार 1

मनमोहन सिंह ने 9 जुलाई को जापान दौरे से लौटने के बाद परमाणु करार पर बातचीत के लिए वाम दलों के साथ 10 जुलाई को एक बैठक का आश्वासन दिया था। मगर इस बैठक से पहले ही 7 जुलाई की शाम उन्होंने जापान में ही ऐलान कर दिया कि करार के मसौदे पर अमल करवाने के लिए भारत जल्द ही आईएईए के पास जाएगा।

किरदार 2

मंगलवार यानी 8 जुलाई को वाम दलों ने आपसी चर्चा के लिए शाम को एक बैठक बुलाई थी। मगर प्रधानमंत्री के जापान दौरे में किए गए ऐलान को वजह बताते हुए समय से पहले ही बैठक आयोजित करके वाम दलों ने सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी। यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि प्रधानमंत्री की देश में गैरमौजूदगी के दौरान किसी सहयोगी दल ने समर्थन वापस लिया हो।

किरदार 3

दिलचस्प बात यह है कि मंगलवार यानी 8 जुलाई को ही समाजवादी पार्टी ने भी एक बैठक का आयोजन किया था। समर्थन वापसी का वाम दलों का ऐलान सुनने के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी ने भी अपने सांसदों की मौजूदगी में मुलायम सिंह के प्रति निष्ठा जताते हुए किसी भी सूरत में सरकार बचाने का जवाबी ऐलान कर दिया।

किरदार 4

यूपीए-वाम और सपा के बीच चले इस राजनीतिक ड्रामे को देखकर भला एनडीए कैसे हाथ पर हाथ धरे बैठा रह सकता था, लिहाजा उसने भी बुधवार को एक आपात बैठक बुलाई है। इसमें उसके मुख्यमंत्रियों को भी शामिल रहने को कहा गया है। एनडीए ने भी सरकार से विश्वास मत हासिल करने की मांग की है।

लोकसभा में सीटों का गणित 

यूपीए  224
एनडीए   170
वामदल   59
सपा   39
बसपा   17
टीडीपी   5
एजीपी   2
एमडीएमके  4
एनसी 2
केसी            2
जेडीएस 3
आरएलडी 3
टीआरएस 3
निर्दलीय  5
अन्य 4
कुल सीट  543

बहुमत के लिए जरूरी:  271 सीट

First Published - July 9, 2008 | 12:51 AM IST

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