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महाराष्ट्र में भी होगा जमीन पर संग्राम!

Last Updated- December 07, 2022 | 9:01 PM IST

महाराष्ट्र की देशमुख सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य में 131 सेज को मंजूरी दी है। इसके लिए 135,000 करोड़ रुपये के निवेश की जरुरत पड़ेगी।


लेकिन राज्य में सेज पर सुलगता विवाद सरकार की इन कोशिशों पर पानी फेर सकता है। पिछले एक साल से जी समूह के गोराई-मनोरी-उत्तन सेज के विकास को लेकर स्थानीय लोगों और एसेल समूह के बीच जारी विवाद धीरे-धीरे सिंगूर और नंदीग्राम की शक्ल लेता जा रहा है।

इसके अलावा वीडियोकॉन और रिलायंस द्वारा नवीं मुंबई और रायगढ़ में विकसित की जा रही सेज परियोजनाओं में भी विवाद के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। गोराई-मनोरी-उत्तन क्षेत्र में प्रस्तावित सेज के विकास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इससे जी समूह के एसेल इंफ्रा को अब वहां पहले से मौजूद अपने प्रोजेक्टों को बचा पाना भी मुश्किल होने लगा है।

पिछले एक साल में स्थानीय निवासियों ने एसेल वर्ल्ड और वाटरकिंगडम में कई बार धावा बोल कर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। अभी हाल में वहां गई सर्वे टीम के ऊपर करीबन 500 लोगों ने हमला कर दिया, जिनमें लगभग 50 फीसदी महिलाएं थी। यहां भी विवाद का कारण जमीन ही है, लेकिन यहां पर जमीन लोगों की न होकर सरकार की है।

डर इस बात का है कि इस क्षेत्र के विकास के नाम पर सरकार अपनी जमीन ले लेगी और उसकी कोई कीमत भी उन्हें नहीं मिलेगी। जी समूह के चेयरमैन सुभाष गोयल का कहना हैं कि यहां कोई विवाद नहीं है। उनका कहना है कि हम गांव केलोगों से सीधे बात करना चाहते हैं यदि इसके बाद भी वह तैयार नहीं होते हैं तो हम इस प्रोजेक्ट से अपना हाथ वापस खींच लेगें।

सरकारी उदासीनता से खिन्न एसेल समूह के उपाध्यक्ष निलेश मिस्त्री कहते हैं कि एक ओर सरकार टाटा को अपने राज्य में आमंत्रित करने की बात कहती है तो दूसरी ओर पहले से मौजूदा निवेशकों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड क़र रखे हुए हैं।

एसेल समूह के इस करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर 20 से 25 हजार लोगों को रोजगार मिलने की बात कही जा रही है। 1240 हेक्टेयर में विकसित हो रहे रिलायंस सेज में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश होने वाला है, जिससे 20 लाख को काम मिल सकेगा।

वीडियोकॉन ने भी 100 हेक्टेयर जमीन सरकार से 8000 करोड़ रुपये में खरीदी है जिसका विवाद जग जाहिर है। निवेशक कहते हैं कि यदि एक भी बड़ा प्रोजेक्ट राज्य से बाहर गया तो राज्य और सरकार की जो छवि खराब होगी, उसको खमियाजा दोनों को भुगतना होगा।

गोराई सेज भी लेता जा रहा नंदीग्राम-सिंगुर की शक्ल
वीडियोकॉन और रिलायंस के सेज पर मंडरा रहे काले बादल

First Published - September 13, 2008 | 1:33 AM IST

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