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यूपी में मॉल पर होगा हल्ला बोल

Last Updated- December 07, 2022 | 11:01 AM IST

किराना व्यापारियों ने संगठित शॉपिंग मॉल्स से कारोबार को बचाने के लिए सरकार से शॉपिंग मॉल रेग्यूलेशन एक्ट बनाने की मांग की है।


पिछले साल उत्तर प्रदेश में रिलायंस फ्रेश के आउटलेट बंद करने के लिए यूपी उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जोरदार आंदोलन चलाया था और उसमें सफल भी हुए थे। आंदोलन की वजह से सरकार को सभी आउटलेट्स बंद करने का आदेश देना पड़ा था। अब इसी संगठन से जुड़े कारोबारियों ने मॉल के लिए खास कानून बनाने की मांग की है।

मंडल के अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के सांसद बनवारी लाल कंछल ने बताया कि सरकार को बेतरतीब विकास कर रहे मॉल्स पर नियंत्रण के लिए कदम उठाना चाहिए, क्योंकि ये किराना व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि संसद की स्थाई समिति (वाणिज्य) ने बड़े मॉल्स की वजह से छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया है, जिसकी रिपोर्ट अगले माह के अंत तक केंद्र सरकार को सौंप दी जाएगी। इस समिति का नेतृत्व भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी कर रहे हैं, जबकि इसके 31 सदस्यों में कंछल भी शामिल हैं। कंछल ने बताया कि मलेशिया और पोलैंड में इस तरह का कानून पहले से है, जिससे छोटे कारोबारियों और मॉल्स के बीच संतुलन बना हुआ है। यही वजह है कि समिति इन देशों के कानूनों का भी अध्ययन कर रही है।

कारोबारी  नेताओं का कहना है कि मॉल की वजह से पिछले चार सालों के दौरान देशभर में करीब दो करोड़ व्यापारियों का कारोबार बंद हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस बारे में केंद्र और राज्य सरकार, दोनों को गंभीरता से विचार करना होगा। कंछल ने बताया कि कारोबारी जल्द ही कॉरपोरेट रिटेलिंग के खिलाफ ‘हल्ला बोल’ अभियान शुरू करने का मन बना रहे हैं।

First Published - July 14, 2008 | 1:03 AM IST

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