सिंगुर मसले पर ममता बनर्जी ने एक नया मगर दिलचस्प रवैया अख्तियार कर लिया है।
जहां एक ओर वह टाटा की नैनो परियोजना पर कुछ नरम हो गई, वहीं मुकेश अंबानी समेत कई अन्य उद्योगपतियों की खुदरा कारोबार की योजनाओं पर गरम भी हो गईं।
नैनो मामले पर राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी के सुझाव पर सोमवार को ममता बनर्जी विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थ चुनने को तैयार हो गईं, वहीं राज्य सरकार ने भी राज्यपाल के सुझाव पर आगे बढ़ने की सहमति दे दी। इससे पहले राज्यपाल ने ममता को पत्र में कहा था कि सिंगुर मसले को सुलझाने के लिए गैर-राजनीतिक और गैर-औद्योगिक व्यक्ति को निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए आमंत्रित किया जाए।
सूत्रों का कहना है कि ममता की ओर से जल्द ही मध्यस्थ के नाम सुझाए जाएंगे, जिनमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश या वकील हो सकते हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी रहा, जिससे टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना पर काम नहीं हो सका।
कोलकाता में टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने कहा कि सिंगुर में अभी काम शुरू करने लायक परिस्थिति नहीं बनी है। ममता ने कहा कि वह बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक किसानों को 400 एकड़ जमीन लौटा नहीं दी जाती।
इस बीच, ममता बनर्जी ने राज्य में संगठित रिटेल कंपनियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। इसमें उन्होंने मुकेश की रिलायंस फ्रेश, स्पेंसर्स, पेंटालून आदि का विरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य में छोटे खुदरा कारोबारियों पर असर पड़ेगा। इस बाबत सोमवार को ममता ने खुदरा विक्रेताओं की एक छोटी रैली को संबोधित भी किया, जिसमें राज्य में संगठित रिटेल के प्रवेश का विरोध जताया।
दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे आंशिक तौर पर खुला : टाटा मोटर्स परियोजना स्थल के निकट दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे पर तृणमूल कांग्रेस के धरने के आठ दिन बाद राजमार्ग का एक छोर यातायात के लिए खुल गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने परीक्षण के तौर पर चार फंसे ट्रकों को निकाला।
नैनो संयंत्र का घेराव जारी, पर बातचीत के लिए तैयार हुईं ममता
मगर राज्य में संगठित खुदरा कारोबार के विरोध में उतरीं
खुदरा विक्रेताओं की रैली के साथ किया नई जंग का ऐलान