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योगी सरकार नशे का कारोबार रोकने को बनाएगी स्पेशल टास्क फोर्स

Last Updated- December 11, 2022 | 4:23 PM IST

प्रदेश सरकार ने नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन के आदेश जारी किए हैं। इस टास्क फोर्स में डायरेक्ट्रेट आफ रेवन्यू इंटैलिजेंस (डीआरआई) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी लाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में गठित होने वाले एएनटीएफ के कार्यालय पूर्व, मध्य और पश्चिम तीनों क्षेत्रों में होंगे। मध्य क्षेत्र के तहत लखनऊ, कानपुर, पूर्वी के तहत प्रयागराज, वाराणसी व गोरखपुर जबकि पश्चिम के तहत मेरठ, बरेली व आगरा होंगे। 
यह टास्क फोर्स अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), अपराध को रिपोर्ट करेगा और इसके तहत जोनल व क्षेत्रीय स्तर पर नारकोटिक्स थानों का स्थापना की जाएगा। शुरुआत में ग़ाज़ीपुर और बाराबंकी में नारकोटिक्स थाने बनाए जाएँगे। प्रदेश में लाइसेंस के साथ इन्हीं दोनो जिलों में अफीम की खेती की जाती है। बाराबंकी प्रदेश का सबसे बड़ा अफीम उत्पादक जिला है तो गाजीपुर में इसका कारखाना है। टास्क फोर्स राज्य में वैध अफीम की खेती की प्रक्रियाओं पर भी नजर रखेगी।
प्रदेश सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि इस टास्क फोर्स को मादक पदार्थों के कारोबार मे लिप्त अपराधियों, माफियों व गिरोहों के विरुद्ध कार्यवाही के दौरान तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी व विवेचना करने की शक्ति होगी। टास्क फोर्स डिएडिक्शन सेंटर से भी समन्वय स्थापित करेगी और मादक पदार्थों की मांग को कम करने के उपायों पर भी काम करेगी। यह सोशल मीडिया व क्रिप्टोकरेंसी के जरिए मादक पदार्थों के कारोबार पर भी अंकुश लगाएगी। 
 

First Published - August 23, 2022 | 5:58 PM IST

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