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ICICI, HDFC, SBI बने टॉप पिक; ब्रोकरेज ने कहा- अब पूरा सेक्टर नहीं, सही स्टॉक जरूरी

कमजोर बाजार के बावजूद BFSI सेक्टर में बड़े मौके सामने आए हैं। 21 शेयरों ने 25% से ज्यादा रिटर्न दिया, जबकि ब्रोकरेज ने ICICI, HDFC और SBI को टॉप पिक बताया है

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- April 01, 2026 | 2:32 PM IST

BFSI Stocks Picks: वित्त वर्ष 2026 निवेशकों के लिए आसान नहीं रहा। निफ्टी और बैंकिंग इंडेक्स में खास तेजी नहीं दिखी, बल्कि कई बड़े बैंक शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। लेकिन इस कमजोर माहौल के बीच भी BFSI सेक्टर ने चौंकाया है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर के करीब 21 शेयरों ने 25% से ज्यादा रिटर्न दिया। यह दिखाता है कि पूरे सेक्टर की बजाय सही शेयर चुनना ज्यादा जरूरी हो गया है।

BFSI सेक्टर का कुल मार्केट कैप एक साल में करीब 18% बढ़कर 108 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पहले 91 लाख करोड़ रुपये था। इस तेजी के पीछे PSU बैंक, NBFC और फिनटेक कंपनियों का बड़ा योगदान रहा है। खासतौर पर डिजिटल बदलाव और नई टेक्नोलॉजी ने इस सेक्टर को नई दिशा दी है।

Top BFSI Stocks

कंपनी का नाम रिटर्न (%)
MCX 122
RBL Bank (RBK) 69
Anand Rathi 59
AU Small Finance Bank (AUSFB) 59
Aditya Birla Capital (ABCL) 59
Indian Bank (INBK) 58
L&T Finance Holdings (LTFH) 57
BSE 49
DCB Bank (DCBB) 44
Canara Bank (CNBK) 42
Nippon India AMC 39
Aditya Birla AMC 37
Federal Bank (FB) 37
Muthoot Finance 35
Union Bank (UNBK) 34
Shriram Finance 33
IIFL Finance 33
Max Financials 31
State Bank of India (SBIN) 29
Star Health 26
Paytm 26

अब सिर्फ बैंक नहीं, पूरा इकोसिस्टम बना BFSI

रिपोर्ट के मुताबिक, BFSI सेक्टर अब सिर्फ पारंपरिक बैंकों तक सीमित नहीं रहा। डिजिटलाइजेशन, रिटेल लोन की बढ़ती मांग और नए नियमों के चलते यह सेक्टर ज्यादा व्यापक और जटिल हो गया है। इसी वजह से ब्रोकरेज हाउस ने अपने कवरेज को बढ़ाकर 77 शेयरों तक कर दिया है।

हाल के महीनों में बैंकों की कमाई के अनुमान लगातार घटाए गए हैं। इसके पीछे मार्जिन पर दबाव, कमजोर लोन ग्रोथ और बढ़ती क्रेडिट लागत मुख्य कारण रहे हैं। प्राइवेट बैंकों के लिए FY26 और FY27 के अनुमान में 8% और 5% तक की कटौती की गई है, जबकि PSU बैंकों पर इसका असर कम रहा है। हालांकि, अब इन कटौतियों की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

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कहां ज्यादा दबाव, कहां राहत

रिपोर्ट बताती है कि जिन बैंकों का ज्यादा फोकस अनसिक्योर्ड लोन पर है, वहां दबाव ज्यादा दिखा है। माइक्रोफाइनेंस और पर्सनल लोन से जुड़े जोखिम बढ़ने के कारण उनकी कमाई पर असर पड़ा है। लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति सुधरती दिख रही है। कलेक्शन बेहतर हो रहा है और डिफॉल्ट के संकेत कम हो रहे हैं।

सरकारी बैंकों को एक बड़ा फायदा CGTMSE योजना से मिला है, जिसके तहत छोटे कारोबारियों को दिए गए लोन पर सरकारी गारंटी मिलती है। इससे बैंकों का जोखिम कम होता है और MSME सेक्टर को बिना गारंटी के भी लोन देना आसान हो जाता है।

कमाई की रफ्तार धीमी, लेकिन आगे उम्मीद

BFSI सेक्टर की कमाई की रफ्तार पहले काफी तेज थी, लेकिन अब यह धीमी होकर FY26 में करीब 5% रह गई है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक आगे सुधार के संकेत हैं। FY27 और FY28 में कमाई 16% से 17% की दर से बढ़ सकती है। प्राइवेट बैंकों के लिए यह ग्रोथ करीब 20% तक रहने का अनुमान है।

मिड-साइज प्राइवेट बैंकों में पिछले एक साल में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। लेकिन अब जैसे-जैसे जोखिम कम हो रहा है, इन बैंकों में तेज रिकवरी की उम्मीद है और कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

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ब्रोकरेज के टॉप पिक्स: किन BFSI Stocks पर दांव

मोतीलाल ओसवाल ने इस सेक्टर में तीन बड़े नामों को अपने टॉप पिक्स के तौर पर चुना है। प्राइवेट बैंकिंग स्पेस में ICICI Bank और HDFC Bank को मजबूत विकल्प माना गया है। वहीं PSU बैंकों में State Bank of India (SBI) को सबसे पसंदीदा शेयर बताया गया है। इन बैंकों को मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर एसेट क्वालिटी और आने वाले समय में ग्रोथ की क्षमता के आधार पर चुना गया है।

आगे का रास्ता कैसा रहेगा

रिपोर्ट के मुताबिक, लोन ग्रोथ में सुधार, बेहतर एसेट क्वालिटी और कम होती लागत आगे सेक्टर को सपोर्ट करेंगी। GST, टैक्स कटौती और सस्ते कर्ज जैसे फैक्टर भी ग्रोथ को बढ़ावा दे सकते हैं। पूरी तस्वीर देखें तो BFSI सेक्टर एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां चुनौतियां भी हैं और मौके भी। कमाई पर दबाव है, लेकिन सुधार के संकेत भी साफ दिख रहे हैं। यानी यह ऐसा सेक्टर है जहां आंख बंद करके निवेश नहीं, बल्कि समझदारी से चुने गए शेयर ही असली मुनाफा दे सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : April 1, 2026 | 2:26 PM IST