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सेंसेक्स से काफी महंगे अदाणी के शेयर

Last Updated- December 11, 2022 | 4:20 PM IST

अदाणी समूह की कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज पर लगातार नई ऊंचाई छू रही हैं, जिस कारण इनके शेयर व्यापक बाजार की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। समूह की सात सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर इस समय 109.2 गुना पीई गुणक पर कारोबार कर रहे हैं, जो मंगलवार को सेंसेक्स कंपनियों के 22.9 गुना के औसत पीई गुणक से करीब 5 गुना अधिक है। समूह की फर्मों के शेयरों का यह अब तक का सबसे ऊंचा मूल्यांकन है।

जुलाई, 2021 से जून, 2022 तक अदाणी समूह की कंपनियों का कुल शुद्ध मुनाफा 17,676.3 करोड़ रुपये रहा और उनका कुल बाजार पूंजीकरण मंगलवार को 19.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

अदाणी समूह के शेयरों के पीई गुणक में गिरावट आई है मगर उनके मूल्यांकन में कमी से कहीं ज्यादा और तेज कमी व्यापक बाजार में आई है। उदाहरण के लिए अदाणी की कंपनियों का औसत पीई गुणक दिसंबर 2021 के अंत में 116.4 गुना था और अभी इससे केवल 6 फीसदी नीचे आया है। उनके मुकाबले सेंसेक्स के शेयरों का मूल्यांकन मार्च, 2021 के 34.4 गुना के अपने उच्चतम पीई स्तर से करीब एक तिहाई नीचे आ गया है। बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों का पीई गुणक भारतीय एयरटेल के 91.8 गुना के सर्वोच्च स्तर से टाटा स्टील के 3.3 गुना के निचले स्तर तक है। अदाणी समूह की कोई कंपनी सेंसेक्स में शामिल नहीं है।

अदाणी समूह का मूल्यांकन सेंसेक्स के मूल्यांकन से बहुत अधिक बढ़ गया है। अदाणी की कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण दिसंबर, 2021 के अंत में 9.62 लाख करोड़ रुपये था जो दोगुना होकर मंगलवार को 19.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स महज 1.33 फीसदी बढ़ा है। 

प्राइस टू बुक (पी/बी) वैल्यू के लिहाज से अदाणी समूह का मूल्यांकन सेंसेक्स से और भी ज्यादा है। समूह की फर्मों के शेयर 19.5 गुना पीबी अनुपात पर कारोबार कर रहे हैं, जो सेंसेक्स शेयरों के 3.4 गुना पीबी अनुपात से 5.6 गुना अ​धिक है। सूचकांक शेयरों की तुलना में अदाणी समूह का मूल्यांकन यहां भी काफी ज्यादा है। तीन साल पहले तक अदाणी समूह का मूल्यांकन सूचकांक के बराबर था। मगर वित्त वर्ष, 2021 की पहली छमाही में इसमें तेजी आई और उसके बाद से समूह के शेयर व्यापक बाजार की तुलना में महंगे बने हुए हैं। सेंसेक्स शेयरों में नेस्ले इंडिया का पीबी अनुपात सबसे ज्यादा 81.3 गुना और एनटीपीसी का सबसे कम 1.1 गुना था। कई विश्लेषक शेयर का मूल्यांकन करने में पीई गुणक के बजाय प्राइस टू बुक वैल्यू को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। पीई गुणक में काफी उतार-चढ़ाव आता है और इसमें कंपनी के तिमाही मुनाफे के साथ ही तेज उतार-चढ़ाव आता रहता है।

विश्लेषकों ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में समूह की कंपनियों की आय में जोरदार वृद्धि की शेयरधारकों के उम्मीद से अदाणी समूह का मूल्यांकन महंगा हुआ है। अदाणी समूह का औसत पीई गुणक घटाकर सेंसेक्स के स्तर पर लाना है तो समूह की कंपनियों का कुल सालाना शुद्ध मुनाफा मौजूदा स्तर से 377 फीसदी बढ़ना होगा। पिछले तीन वर्षों में समूह का कुल शुद्ध मुनाफा 227 फीसदी की दर से बढ़ा है। मगर अन्य आय और अदाणी पावर को हुई असाधारण आय निकाल दें तो समूह का कुल मुनाफा काफी कम रहेगा।

First Published - August 24, 2022 | 9:45 PM IST

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