सोमवार को शापूरजी पलोनजी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई क्योंकि एक दिन पहले समूह के युवा वंशज साइरस मिस्त्री की असमय मौत हो गई।
जून तिमाही के आखिर में शापूरजी पलोनजी ऐंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की यूरेका फोर्ब्स में 9 फीसदी हिस्सेदारी थी और इसका शेयर सोमवार को बीएसई पर 1.06 फीसदी टूटकर 489 रुपये का रह गया। इसकी तुलना में बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
स्टर्लिंग ऐंड विल्सन रीन्यूएबल एनर्जी और फोर्ब्स ऐंड कंपनी का शेयर क्रमश: 0.6 फीसदी व 5 फीसदी टूट गया। शापूरजी पलोनजी ऐंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पास स्टर्लिंग ऐंड विल्सन आरई की हिस्सेदारी जून के आखिर में 25 फीसदी थी, वहीं साइरस पलोनजी मिस्त्री और पलोन शापूर मिस्त्री के पास व्यक्तिगत तौर पर इसकी 0.38-0.38 फीसदी हिस्सेदारी थी।
जहां तक फोर्ब्स ऐंड कंपनी की बात है, शापूरजी पलोनजी ऐंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पास जून 2022 के आखिर में 72.56 फीसदी हिस्सेदारी थी। शेयरधारिता के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
भारत में जन्मे हाई प्रोफाइल आयरिश बिजनेसमैन और टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन मिस्त्री की रविवार को महाराष्ट्र के पालघर जिले में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। विशेषज्ञ हालांकि इस घटनाक्रम को अवधारणा के लिहाज से नकारात्मक मान रहे हैं लेकिन उनकी सलाह फंडामेंटल के लिहाज से मजबूत कंपनियों में निवेशित रहने की है।
केआर चोकसी इन्वेस्मेंट मैनजर्स के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, कंपनियों का परिचालन प्रोफेशनल करते हैं, लेकिन निवेशकों को नजर रखनी चाहिए कि मिस्त्री की जगह कौन लेंगे। उनके दो बेटे हैं लेकिन यह नहीं पता कि कामकाज संभालने के लिए तैयार हैं या नहीं।
उन्होंने कहा, उत्तराधिकार की योजना अभी थोड़ी अस्पष्ट है, लेकिन निवेशकों को इन शेयरों में बने रहना चाहिए और बिना सोचे-विचारे कोई कदम उठाने से बचना चाहिए।
साइरस मिस्त्री टाटा समूह की अगुआई करने वाले पहले गैर-भारतीय नागरिक थे और दिग्गज भारतीय कारोबारी घराने के छठे व सबसे युवा चेयरमैन थे। उन्होंने रतन टाटा के रिटायर होने पर दिसंबर 2012 में कमान संभाली थी।
विश्लेषकों के मुताबिक, इन सूचीबद्ध कंपनियों में मिस्त्री अकेले प्रवर्तक के तौर पर काम कर रहे थे, वहीं रोजाना के कामकाज प्रोफेशनल के हाथ में थे। ऐसे में कंपनियों की भविष्य को लेकर उन्हें साइरस की असमय मौत का गंभीर निहितार्थ नजर नहीं आता।
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, इसका निश्चित तौर पर असर होगा क्योंकि उन्होंने समूह को कर्ज से बाहर निकाला था। लेकिन ऐसे बड़े समूह के पास दूसरे व तीसरे स्तर की कमान होती है। इस तरह से हम तात्कालिक प्रतिक्रिया भले ही देखें, लेकिन यह जल्दी ही दूर हो जाएगा। उनकी सलाह है कि निवेशक इसमें निवेशित रहें लेकिन गिरावट में खरीदारी से बचें।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व मुख्य निवेश अधिकारी जी. चोकालिंगम ने कहा, लंबी अवधि के लिहाज से ऐसे बड़े व प्रोफेशनल के जरिए प्रबंधिक समूह के लिए बाजार से प्रतिभाएं आकर्षित करना आसान है। उन्होंने कहा, छोटे व मध्यम आकार की कंपनियों के लिए प्रतिभा आकर्षित करना मुश्किल होता है। बड़े संस्थान आसानी व कामयाबी के साथ प्रबंधन की तलाश कर लेते हैं। इसलिए निवेशकों के फंडामेंटल पर आधारित शेयरों में निवेशित रहना चाहिए।
इस कैलेंडर वर्ष में अब तक स्टर्लिंग ऐंड विल्सन आरई और फोर्ब्स ऐंड कंपनी के शेयरों में बीएसई पर क्रमश: 21.6 फीसदी व 93 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस साल 16 मार्च को एक्सचेंज पर सूचीबद्ध यूरेका फोर्ब्स में हालांकि इस साल अब तक 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
इसकी तुलना में बीएसई 500 इंडेक्स 2.6 फीसदी चढ़ा है और बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स में 1.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ऐस इक्विटी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।