पिछले हफ्ते यूनियन कैबिनेट की तरफ से Tata Group के दो सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (Tata Investment Corporation) के शेयरों में 21% का उछाल आया है।
इस बीच, सोमवार के कारोबार में टाटा इन्वेस्टमेंट के शेयर में 5% का अपर सर्किट भी लगा और यह 8,417.6 रुपये के लेवल पर पहुंच गया। यह कंपनी के शेयर में लगातार तीसरा अपर सर्किट था।
बता दें कि टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प (PSMC) ताइवान के साथ साझेदारी में एक सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करेगी। इस यूनिट का निर्माण गुजरात के धोलेरा में किया जाएगा। यह प्लांट 91,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
पिछले एक महीने 52.56% चढ़ा टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन का शेयर
पिछले एक महीने की बात करें तो टाटा ग्रुप की टाटा इन्वेस्टमेंट (Tata Investment) का शेयर 52.56 प्रतिशत उछल चुका है जबकि पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में कंपनी के शेयरों में 18.10 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। इसके अलावा पिछले 6 महीने में तो कंपनी ने शेयरों ने 242.60 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
वहीं, आज टाटा इन्वेस्टमेंट कोर्पोरेशन का शेयर 5.00 प्रतिशत या 401.35 रुपये के अपर सर्किट के साथ 8,428.40 रुपये के लेवल पर क्लोज हो गया।
क्या करती है टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ?
बता दें कि टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है जो टाटा समूह (Tata Group) समेत विभिन्न कंपनियों के विविध पोर्टफोलियो में निवेश करती है।
ताइवान की कंपनी के साथ सेमीकंडक्टर फैब प्लांट लगाएगी टाटा
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट ताइवान की कंपनी पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प के साथ साझेदारी में गुजरात के धोलेरा में एक सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करेगी।
टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली ऐंड टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड असम के मोरीगांव में 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक सेमीकंडक्टर कारखाना स्थापित करेगी।
मुंबई की कंपनी सीजी पावर जापान की कंपनी रेनेसा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्प और थाईलैंड की कंपनी स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर गुजरात के साणंद में एक सेमीकंडक्टर कारखाना स्थापित करेगी। इन चिप कारखानों से उन्नत प्रौद्योगिकी में 20,000 प्रत्यक्ष रोजगार और करीब 60,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के कारखाने की क्षमता हर महीने 50,000 वैफर्स के उत्पादन की होगी। एक वैफर में 5,000 चिप होते हैं और इस प्रकार कुल सालाना उत्पादन क्षमता करीब 3 अरब चिप की होगी।