विश्लेषकों का कहना है कि ऑटो एंसिलियरी (वाहन उपकरण एवं कलपुर्जा निर्माता एवं विक्रेता) कंपनियों पर मार्जिन दबाव वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही तक कम होने लगेगा, क्योंकि उन्हें इस उद्योग को जिंस कीमतों में नरमी और आपूर्ति संबंधित समस्याएं दूर होने का लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि ऊंची इन्वेंट्री लागत का अल्पावधि में इनकी वित्तीय स्थिति पर दबाव बना रह सकता है।
फर्स्ट वाटर कैपिटल फंड (एआईएफ) के मुख्य प्रायोजक रिकी कृपलानी ने कहा, ‘जिंस कीमतों में नरमी की वजह से मार्जिन में कुछ राहत के बावजूद, हमें ऊंची इन्वेंट्री लागत की वजह से वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में मार्जिन कमजोर बने रहने की आशंका है।’
2022 में अब तक वाहन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतें 16 से 45 प्रतिशत तक नीचे आई हैं, जिनमें इस्पात, लौह अयस्क, एल्युमीनियम, निकल, और रबर मुख्य रूप से शामिल हैं। ऐक्सिस सिक्योरिटीज के पोर्टफोलियो प्रबंधक निशित मास्टर ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में गिरावट के साथ साथ ऊंचे इस्तेमाल स्तर और सेमीकंडक्टर किल्लत घटने से संबंधित कंपनियों के मार्जिन को मदद मिल सकती है।
नई ऑर्डर बुक, ईवी पर जोर
इस बीच, त्योहारी सीजन से पूर्व कारों की पेशकश से ऑटो एंसिलियरी उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है। जहां मारुति सुजूकी ने इस महीने ग्रैंड विटारा को पेश करने की योजना बनाई है, वहीं महिंद्रा ऐंड महिंद्रा भी सितंबर 2022 में एक्सयूवी300 को उतारेगी। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 10-15 प्रतिशत नए यात्री वाहन इस साल के अंत में सड़कों पर दिखाई देंगे।
आईडीबीआई कैपिटल के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर का कहना है कि सुंदरम फास्टनर्स, भारत फोर्ज, टिमकेन, और महिंद्र सीआईई जैसे ऑटो-एंसिलियरी शेयर अल्पावधि से मध्यावधि में 20-25 प्रतिशत तेजी दर्ज कर सकते हैं, क्योंकि इन कंपनियों को मजबूत ऑर्डर बुक और मांग में तेजी का लाभ मिल रहा है। प्रभाकर ने कहा, ‘टायर शेयरों को भी कुछ राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमत घटकर 90 डॉलर प्रति बैरल पर आई है।’
विश्लेषकों का कहना है कि इसके अलावा, महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण के निर्माण से जुड़ी ऑटो एंसिलियरी कंपनियों को सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा पर जोर दिए जाने से लाभ मिल सकता है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को बिजनेस स्टैंडर्ड के एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार कार निर्माताओं के लिए अक्टूबर से आठ सीट वाले वाहनों में कम से कम छह एयरबैग की पेशकश अनिवार्य करेगी, जिससे कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाई जा सके।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज में निवेश रणनीतिकार गौरांग शाह ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के नजरिये से एक्साइड इंडस्ट्रीज और अमर राजा बैटरीज लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, क्योंकि दोनों कंपनियों ने बैटरी निर्माण इकाइयां लगाने में बड़ा निवेश किया है।