facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

BSE 28 मार्च को लॉन्च करेगा T+0 सेटलमेंट सिस्टम, सेम डे मिलेगा पैसा, जानिए क्या है नियम

इसमें अगर आप ट्रेडिंग-डे पर 1:30 बजे तक शेयरों का कारोबार करेंगे तो शाम 4:30 बजे तक उनका सेटलमेंट हो जाएगा।

Last Updated- March 23, 2024 | 12:00 PM IST
T+0 settlement cycle

BSE में 28 मार्च से T+0 सेटलमेंट सिस्टम के तहत ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। 28 मार्च को इसके बीटा वर्जन को लॉन्च किया जाना है। फिलहाल भारतीय शेयर मार्केट सभी शेयरों के लिए T+1 सेटलमेंट साइकल पर काम करता है।

क्या है T+0 सेटलमेंट

T+0 सेटलमेंट में शेयर की खरीदारी और बिक्री का सेटलमेंट एक ही दिन में होगा। T+0 सेटलमेंट के पहले फेज में सेम-डे सेटलमेंट लागू किया जाएगा, जिसके बाद खरीदार को उसी दिन शेयर अलॉटमेंट और बेचने वालों को उसी दिन फंड मिल जाएगा।

इसमें अगर आप ट्रेडिंग-डे पर 1:30 बजे तक शेयरों का कारोबार करेंगे तो शाम 4:30 बजे तक उनका सेटलमेंट हो जाएगा।वहीं, दूसरे फेज में 3:30 बजे तक किए गए सभी लेनदेन के लिए एक ऑप्शनल इमीडिएट ट्रेड-बाय-ट्रेड सेटलमेंट की सुविधा दी जाएगी।

SEBI ने 21 मार्च को T+0 सेटलमेंट सिस्टम के बीटा वर्जन के लिए फ्रेमवर्क जारी किया था। अभी इस सेटलमेंट सिस्टम को विकल्प के रूप में शुरू किया जा रहा है। इसका मतलब है कि T+1 सेटलमेंट जारी रहेगा।

मार्केट टाइमिंग्स: इसके लिए समय 9:15 बजे से 1:30 बजे तक है। वहीं क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन विंडो न1:45 बजे तक रहेगा। बता दें, T+0 स्टॉक्स में ट्रेडिंग सेटलमेंट हॉलीडे पर नहीं होगी।

ये भी पढ़ें- Fortis Healthcare Ltd को मिला इनकम टैक्स का नोटिस, 89 करोड़ के टैक्स और ब्याज की मांग

क्या है  T+1, T+2 और T+3 सेटलमेंट

सेटलमेंट सिस्टम की बात करें तो इसका मतलब है कि शेयर बाजार मे शेयर खरीदने वाले यानी कि बायर्स के अकाउंट में शेयर्स का ट्रांसफर और बेचने वाले के अकाउंट में जो शेयर बेचे गए हैं उसका अमाउंट ट्रांसफर  ही सेटलमेंट है।

भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में इस समय T+1 को फॉलो किया जाता है। यानि कि ऑर्डर के पूरा होने के 24 घंटे में फंड और सिक्योरिटी खरीदने और बेचने वाले के अकाउंट में आते हैं।

ये भी पढ़ें- Apple में फिर से लोगों की जाएगी नौकरी, 7 साल पुराने प्रोजेक्ट को किया बंद

उदाहरण के तौर पर समझें तो T+1 सेटलमेंट में 1 कारोबारी दिन में इन शेयरों के पैसे आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे। वहीं आपने शेयर खरीदे हैं तो ये शेयर 1 दिन में आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएंगे। यहीं नियम T+2 और T+3 सेटलमेंट में भी लागू होता है।

First Published - March 23, 2024 | 12:00 PM IST

संबंधित पोस्ट