वित्त वर्ष 2023 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मिश्रित प्रतिक्रिया के बाद स्वास्थ्य जांच क्षेत्र की सूचीबद्ध कंपनियां अब प्रतिस्पर्धी दबाव, कमजोर दिसंबर तिमाही, और ऊंचे मूल्यांकन की वजह से अल्पावधि समस्याएं दर्ज कर सकती हैं। महीने के शुरू से सपाट प्रदर्शन दर्ज करने वाले शेयर विजया डायग्नोस्टिक सेंटर को छोड़कर, अन्य सूचीबद्ध कंपनियों ने गिरावट दर्ज की है।
डॉ. लाल पैथलैब्स और थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 4-6 प्रतिशत के बीच गिरावट आई, जबकि मेट्रोपॉलिस हेल्थकेयर में इस अवधि के दौरान करीब 18 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। सबसे बड़ी कंपनी डॉ. लाल पैथलैब्स के लिए दूसरी तिमाही का परिणाम गैर-कोविड व्यवसाय के संदर्भ में कमजोर रहा। ऊंचे आधार पर, गैर-कोविड संबंधित वृद्धि एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले 6.5 प्रतिशत पर रही। यह 9.2 प्रतिशत की तीन साल की सालाना राजस्व वृद्धि के मुकाबले कम है।
आईआईएफएल रिसर्च के विश्लेषकों राहुल जीवानी और पुनीत पुजारिया का मानना है कि डॉ. लाल पैथलैब्स की क्रियान्वयन क्षमता मजबूत बनी हुई है, लेकिन उसका गैर-कोविड व्यवसाय कोविड से पहले के स्तर पर पहुंचना बाकी है। उनका मानना है कि कोविड में कमी के बाद मांग घटने के कारण ऊंची पैठ वाले महानगरीय बाजारों में वृद्धि की रफ्तार कमजोर बनी हुई है।
परिचालन मुनाफा मार्जिन 27 प्रतिशत से कम है जो एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले 150 आधार अंक कम है। हालांकि तिमाही आधार पर, कंपनी का मार्जिन कम कर्मचारी लागत और परिचालन दक्षता की मदद से 360 आधार अंक तक बढ़ गया। साथ ही उसे बिक्री में हुई वृद्धि से मदद मिली। दूसरी तिमाही को स्वास्थ्य जांच क्षेत्र में मजबूत तिमाही समझा
गया है। येस सिक्योरिटीज के भावेश गांधी का मानना है कि 27 प्रतिशत मार्जिन वित्त वर्ष 2023 में मजबूत माना जाएगा, क्योंकि दूसरी छमाही परिचालन लाभ के संदर्भ में पहली छमाही के मुकाबले अक्सर कमजोर समझी जाती है।
कंपनी वृद्धि में सुधार लाने और टियर-2/3 शहरों से आधार बढ़ाने, पर ध्यान दे रही है। विश्लेषकों का मानना है कि इन प्रयासों का लाभ कंपनी को मध्यावधि में मिल सकता है, जबकि अल्पावधि में ऊंची प्रतिस्पर्धा का प्रभाव देखा जा सकता है।
मेट्रोपॉलिस हेल्थकेयर ने डॉ. लाल पैथलैब्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और 16 प्रतिशत की गैर-कोविड राजस्व वृद्धि के साथ बाजार अनुमानों को पूरा किया। वहीं कंपनी ने 288 करोड़ रुपये के साथ तिमाही में अपना सर्वाधिक त्रैमासिक राजस्व दर्ज किया। वेलनेस सेगमेंट का कंपनी के राजस्व में 12 प्रतिशत योगदान है और वह किफायती एवं प्रीमियम सेगमेंटों के लिए जरूरी पूरी कर इसे बढ़ाकर बिक्री का 20 प्रतिशत करने की योजना बना रही है।
कंपनी का परिचालन मुनाफा मार्जिन 26.3 प्रतिशत था जो सालाना आधार पर 350 आधार अंक कम था, लेकिन बाजार अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए तिमाही आधार पर 180 आधार अंक तक बढ़ा। जेएम फाइनैशियल रिसर्च को सरकारी व्यवसाय में सुधार आने, वेलनेस सेगमेंट से बेहतर भागीदारी, और नेटवर्क विस्तार से वृद्धि को मदद मिलने की उम्मीद है। सरकारी व्यवसाय (राजस्व में 5-6 प्रतिशत) ऊंचे आधार की वजह से दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत घट गया।
दक्षिण भारत स्थित विजया डायग्नोस्टिक सेंटर भी 10 प्रतिशत की कुल राजस्व वृद्धि और 15 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि के साथ बाजार अनुमान को पीछे छोड़ने में कामयाब रही है। कंपनी की गैर-कोविड बिक्री 15 प्रतिशत तक बढ़ी और उसे मजबूत मूल्य वृद्धि से मदद मिली।
गैर-कोविड बिक्री तिमाही आधार पर 18 प्रतिशत बढ़ी। येस सिक्योरिटीज के अनुसार मजबूत बिक्री और परिचालन दक्षता की वजह से तिमाही आधार पर परिचालन मुनाफा मार्जिन 216 आधार अंक तक बढ़कर 40.4 प्रतिशत हो गया। न्यूवामा रिसर्च का कहना है कि कंपनी उन कुछ कंपनियों में शामिल है जिनमें विस्तार योजनाओं की मदद से अगले दो-तीन साल के दौरान अच्छी वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है।
घटते कोविड-आधारित राजस्व से फोर्टिस हेल्थकेयर का डायग्नोस्टिक व्यवसाय का राजस्व प्रभावित हुआ, जो सालाना आधार पर 15 प्रतिशत घटा है। कोविड प्रभाव को छोड़ दें तो कंपनी का राजस्व 3.8 प्रतिशत तक चढ़ा, जो उसके प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कम है। कंपनी का मार्जिन तिमाही आधार पर 181 आधार अंक सुधरकर 21.4 प्रतिशत हो गया।