facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

मुद्रा भंडार जुलाई 2020 के बाद सबसे कम

Last Updated- December 11, 2022 | 1:23 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का विदेशी मुद्रा भंडार 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 4.5 अरब डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर रह गया। केंद्रीय बैंक के आंकड़े के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का मौजूदा स्तर 24 जुलाई 2020 के बाद से सबसे कम है। 

मुद्रा भंडार में गिरावट मुख्य तौर पर आरबीआई की विदेशी मुद्रा संप​त्तियों में कमजोरी की वजह से आई है। ये विदेशी मुद्रा परिसंप​त्तियां समीक्षाधीन सप्ताह में 2.8 अरब डॉलर घटकर 468.87 अरब डॉलर रह गईं। केंद्रीय बैंक की स्वर्ण परिसंप​त्तियां 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 1.5 अरब डॉलर घटकर 37.45 अरब डॉलर रह गईं।
 एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘भारत का विदेशी मुद्रा भंडार केंद्रीय बैंक के दखल के बीच, 24 जुलाई 2020 के बाद से घटकर सबसे कमजोर स्तर पर रह गया है। इस समय, डॉलर और स्वर्ण 

परिसंप​त्तियों, दोनों की वैल्यू पुनर्मूल्यांकन के साथ साथ केंद्रीय बैंक की डॉलर बिकवाली के बीच घटी है।’14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में, डॉलर के मुकाबले रुपया महज 0.03 प्र​तिशत कमजोर हुआ। 6 प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के ​खिलाफ डॉलर के प्रदर्शन का मापक अमेरिकी डॉलर सूचकांक उस सप्ताह के दौरान 0.5 प्रतिशत मजबूत हुआ। 
परमार के अनुसार, पिछले सप्ताह रुपये में तेजी काफी हद तक आरबीआई के दखल की वजह से दिखी थी। कारोबारियों का कहना है कि केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह 82.40 प्रति रुपये के स्तर पर डॉलर की जमकर बिक्री की थी। वर्ष 2022 में अब तक डॉलर के मुकाबला रुपया 10.1 प्रतिशत कमजोर हो चुका है। 

First Published - October 21, 2022 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट