शेयर की कीमतों में गिरावट से म्युचुअल फंडों की कई इक्विटी श्रेणियों की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में गिरावट आई है। केंद्रीय बैंकों के कदमों, चीन में लॉकडाउन और रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध के बीच मई में देसी बाजारों में काफी उतारचढ़ाव देखने को मिला।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से पता चलता है कि लार्जकैप का एयूएम मई में घटकर 2.19 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो अप्रैल में 2.23 लाख करोड़ रुपये रहा था। उधर, फ्लेक्सीकैप फंडों का एयूएम घटकर मई में 2 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो अप्रैल में 2.05 लाख करोड़ रुपये रहा था।
मिडकैप व स्मॉलकैप फंडों का एयूएम इस दौरान हालांकि और तेजी से घटा।उद्योग के प्रतिभागियों ने कहा कि बाजारों में गिरावट के कारण एयूएम में कमजोरी दर्ज हुई। उन्होंने कहा, अगर लगातार निवेश न हुआ होता और बाजार में रिकवरी नहीं होती तो यह गिरावट और भी ज्यादा नजर आती।
बेंचमार्क निफ्टी माह के दौरान 8 फीसदी तक टूट गया था लेकिन अंत में यह 3 फीसदी नुकसान पर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 10 फीसदी से ज्यादा टूट गया था लेकिन अंत में माह की समाप्ति 5.3 फीसदी की गिरावट के साथ की। निफ्टी स्मॉलकैप 18 फीसदी तक टूटा था लेकिन माह की समाप्ति 10.2 फीसदी नुकसान के साथ की।
सुंदरम एमएफ के प्रबंध निदेशक सुनील सुब्रमण्यम ने कहा, एयूएम में गिरावट बाजार में आई फिसलन के कारण दर्ज हुई। अन्यथा हमने लगातार सकल निवेश देखा है और निवेश निकासी में भी कमी आई है। निवेशक में घबराहट नहीं है औ्र उन्होंने बाजार में आई गिरावट के कारण निवेश निकासी टाल दी है।
इक्विटी बाजारों में पिछले छह महीने में सबसे तेज गिरावट आई, जो अक्टूबर 2021 में सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा था। आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च के मुताबिक, लार्जकैप फंडों में करीब 15 फीसदी की गिरावट आई है जबकि मिडकैप व स्मॉलकैप फंडों की श्रेणी में औसत गिरावट पिछले छह महीने में करीब 20 फीसदी रही है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडकैप, स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन तेजी के बाजार में उम्दा रहता है, वहीं गिरावट के दौर में इनमें फिसलन देखने को मिलती है। यह बताना मुश्किल है कि मौजूदा बाजार का चक्र कब तक चलेगा, लेकिन मिडकैप व स्मॉलकैप फंडों में नए आवंटन पर सतर्कता बरतना बुद्धिमानी होगी।
मई में मिडकैप फंडों का रोजाना एयूएम 1.54 लाख करोड़ रुपये था, जो अप्रैल में 1.61 लाख करोड़ रुपये रहा था। स्मॉलकैप फंडों का रोजाना का एयूएम मई में घटकर 1.03 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो अप्रैल 2022 में 1.08 लाख करोड़ रुपये रहा था। पिछले कुछ महीनों में इक्विटी फंडों में निवेश का प्रवाह मजबूत रहा है क्योंकि निवेशक बाजारों में उतारचढ़ाव के बावजूद लगातार निवेश करते रहे हैं। अप्रैल में इक्विटी फंडों में 15,890 करोड़ रुपये का निवेश आया, वहीं 2021-22 में शुद्ध निवेश 1.64 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में 25,967 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी देखने को मिली थी।
शुद्ध इक्विटी निवेश में बढ़ोतरी को शेयर बाजार में बढ़त का सहारा मिला है, वहीं सिस्टमैटिक निवेश योजना की सतत भागीदारी व नए फंड ऑफर से भी इसे मदद मिली।
वित्त वर्ष 22 में एसआईपी के जरिए कुल 1.24 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया, जो वित्त वर्ष 21 में 96,080 करोड़ रुपये रहा था। अप्रैल में एसआईपी के जरिये 11, 863 करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ। उद्योग के एक वरिष्ठअधिकारी ने कहा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निवेश निकासी के साथ बाजारों में उतारचढ़ाव बना रह सकता है।