बीएनपी पारिबा इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि दोपहिया, तिपहिया और यात्री वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2030 तक दोपहिया, तिपहिया और यात्री वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 फीसदी, 75 फीसदी और 15 फीसदी होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हम वित्त वर्ष 2022 को दोपहिया ईवी उद्योग के लिए बदलाव वाले वर्ष के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि रियायतों, व्यापक उपब्धता, नए मॉडलों की पेशकश, कच्चे तेल में तेजी की वजह से ईवी को अपनाने की रफ्तार बढ़ी है। हमें वर्ष 2030 तक दोपहिया उद्योग में इलेक्ट्रिक वाहनों का योगदान 30 प्रतिशत पर पहुंच जाने की उम्मीद है।’
दोपहिया बाजार में वृद्धि के मुख्य वाहक नए मॉडल हो सकते हैं। बिक्री के संदर्भ में, सबसे बड़ी कंपनी ओकीनावा ऑटोटेक की बाजार भागीदारी 20 प्रतिशत है। कुल बिक्री में इस सेगमेंट की शीर्ष-10 कंपनियों का 93 प्रतिशत योगदान है। इलेक्ट्रिक दोपहिया बिक्री के मामले में महाराष्ट्र भारतीय राज्यों में शीर्ष पर है, और उसकी बिक्री भागीदारी करीब 18 प्रतिशत रही, जिसके बाद कर्नाटक का स्थान है। देश में कुल इलेक्ट्रिक दोपहिया बिक्री में शीर्ष 11 राज्यों का 84 प्रतिशत योगदान है।
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 75 प्रतिशत तिपहिया उद्योग वर्ष 2030 तक इलेक्ट्रिक हो जाएगा और बाजार दिग्गज बजाज ऑटो का प्रवेश इस सेगमेंट में विकास के लिए एक नया बदलाव साबित हो सकता है। मौजूदा समय में, इस सेगमेंट में सबसे बड़ी कंपनी 10 प्रतिशत बाजार भागीदारी के साथ वाईसी इलेक्ट्रिक है। कुल इलेक्ट्रिक तिपहिया में उत्तर प्रदेश का एक-तिहाई योगदान है। इस संदर्भ में अन्य प्रमुख राज्य दिल्ली और बिहार हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों का चलन अभी शुरुआती अवस्था में हैं।