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तेजी पर वेदांत से निकलें

Last Updated- December 11, 2022 | 3:35 PM IST

 वेदांत का शेयर बुधवार को बीएसई पर करीब 10 प्रतिशत चढ़कर 305 रुपये पर पहुंच गया। इसे निवेशकों के लिए इस शेयर से निकलने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। 
कंपनी ने कहा हैकि वह गुजरात में भारत का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाएगी। कंपनी की इस घोषणा के बाद निवेशकों ने इस शेयरों में शानदार खरीदारी की।
कंपनी ने मंगलवार को गुजरात सरकार के साथ एक समझौता किया, जिसके तहत ताइवान की फॉक्सकॉन के साथ मिलकर वह राज्य में सेमीकंडक्टर परियोजना की स्थापना पर संयुक्त रूप से 19.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी।  जहां ये योजनाएं काफी बड़ी हैं, लेकिन विश्लेषकों को इसका कुछ वर्षों तक कंपनी पर किसी तरह का बड़ा सकारात्मक असर दिखने की संभावना नहीं है।
वेदांत को उम्मीद है कि संयुक्त उपक्रम चार-पांच साल में भरपाई के स्तर पर पहुंच सकता है और इस परियोजना के पहले चरण में दो-तीन साल में 10 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है। 
समझौते के अनुसार, वेदांत-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम ने अहमदाबाद के नजदीक सेमीकंडक्टर और डिस्पले उत्पादन के लिए अलग अलग इकाइयां लगाने की योजना बनाई है। 
इक्विनोमिक्स रिसर्च के संस्थापक एवं मुख्य निवेश अधिकारी जी चोकालिंगम का कहना है, ‘ यह योजना निश्चित तौर पर अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी होगी, क्योंकि इससे न सिर्फ एफडीआई आकर्षित करने में मदद मिलेगी बल्कि चिप आयात के विकल्प के तौर पर विदेशी मुद्रा खर्च भी घटेगा। लेकिन मुझे इस संयंत्र से कंपनी के राजस्व में कम से कम अगले दो-तीन साल तक बड़ा योगदान हासिल होने का अनुमान नहीं है। संयंत्र को चालू होने और वेदांत की वित्तीय स्थिति में योगदान शुरू होने में समय लगेगा।’
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल शोध के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘वेदांत में निवेशक इस कदम को एक ऐसे क्षेत्र में विविधता के तौर पर देख रहे हैं जो हाईटेक है और उससे कंपनी का मूल्यांकन बढ़ सकता है, लेकिन शुरुआती वर्षों में नुकसान से संपूर्ण लाभ और नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ सकता है।’
वेदांत का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2023 की अप्रैल-जून तिमाही में 23.7 प्रतिशत घटकर 4,421 करोड़ रुपये रह गया।
 

First Published - September 14, 2022 | 10:33 PM IST

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